शब्द अग्नि न्यूज़ / देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा पाने वाले इंदौर पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि इंदौर को लगातार आठ बार स्वच्छता अवॉर्ड फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दिलवाए गए। इंदौर के दूषित जलकांड को लेकर भोपाल स्थित अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंघार ने कहा कि यह हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार का नतीजा है। उन्होंने नगर निगम कमिश्नर पर गैर- इरादतन हत्या का केस दर्ज करने और मेयर के तत्काल इस्तीफे की मांग की। सिंघार ने कहा कि मां अहिल्या और मां नर्मदा को पूरा मध्य प्रदेश पूजता है, लेकिन सरकार की नाकामियों ने नर्मदा जल तक को दूषित कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए धर्म और हिंदू-मुस्लिम की राजनीति करती रही, जबकि नागरिकों के संवैधानिक अधिकार स्वच्छ पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा की पूरी तरह अनदेखी हुई । नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि जिस शहर में नलों से जहर जैसा पानी आ रहा है, वहां इंदौर को आठ बार स्वच्छता अवॉर्ड कैसे मिले। उन्होंने कहा कि यह बात सरकारी अधिकारी भी जानते हैं कि किस तरह दस्तावेज तैयार किए गए। अगर सब कुछ सही था तो फिर गंदा पानी पीने से मौतें क्यों हुईं?
Author: Shabd Agni
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