हर तीसरे शख्स में कमी !
शब्द अग्नि न्यूज़। इंदौर में विटामिन डी की कमी एक गंभीर समस्या का रूप ले रही है. हाल ही में एक हेल्थ सर्वे में सामने आया कि इंदौर के हर तीसरे शख्स के शरीर
में विटामिन डी की कमी है. यह सर्वे 9000 लोगों पर किया गया था, जिसमें सामने आया कि 36 फीसदी लोगों में जितनी मात्रा में विटामिन डी होना चाहिए, उतना नहीं है. कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल के डॉ गौरव शेलगांवकर ने लोकल 18 को बताया कि आज हमारा लाइफस्टाइल पूरी तरह से ‘बदल चुका है, जिस वजह से भारत में भी यह समस्या देखने को मिल रही है. लोगों ने धूप में निकलना कम कर दिया है. लंबे ऑफिस ऑवर्स और वर्क फ्रॉम होम भी एक बड़ी वजह है. साथ ही हमारा खानपान भी इस तरह का हो गया है कि शरीर को भरपूर मात्रा में विटामिन डी नहीं मिलता. उन्होंने कहा कि जो सालाना सर्वे अस्पताल ने किया था, उसमें 3454 महिलाओं में से 1288 महिलाओं में विटामिन डी की कमी पाई गई. इसी तरह 5964 पुरुषों के परीक्षण में 2164 पुरुषों में विटामिन डी की कमी दर्ज की गई. चौंकाने वाली बात है कि पुरुष और महिलाओं में कोई अंतर देखने को नहीं मिला. इस सर्वे में अलग-अलग उम्र के लोगों को शामिल किया गया था. एक चिंताजनक बात निकलकर आई कि बच्चों में भी विटामिन डी की कमी देखी जा रही है.
पहले बच्चे बाहर कबड्डी, क्रिकेट इत्यादि खेल खेलते थे, जिससे विटामिन डी मिल जाता था लेकिन मोबाइल और कंप्यूटर की वजह से वे भी इससे दूर हो गए हैं. विटामिन डी हमारे शरीर के कुछ सबसे महत्वपूर्ण विटामिन्स में से एक है. यह शरीर में कैल्शियम को हड्डियों तक
पहुंचाने में मदद करता है. अगर पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी न मिले, तो हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा रहता है. इसके साथ ही यह डिप्रेशन से लड़ने में मदद करता है और थकान और चिड़चिड़ेपन को दूर करता है. यह विटामिन आपके बालों की सेहत के लिए भी जरूरी होता है. अगर आपको इनमें से कोई भी समस्या महसूस होती है, आप जल्दी थक जाते हैं, कमजोरी महसूस होती है, तो एक बार विटामिन डी का टेस्ट जरूर कराएं. डॉ गौरव शेलगांवकर के अनुसार, सुबह 9 से 12 बजे तक के बीच 10 से 15 मिनट की धूप शरीर में विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा बनाए रखने के लिए काफी है. कोशिश करें कि आपके शरीर पर सीधे सूर्य की किरणें पड़ें. इसके अलावा दूध, टोफू, मिलेट्स और नॉनवेज में भी पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी होता है.
Author: Shabd Agni
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