ICC के फैसले को पलटने के लिए DRC के आगे गिड़गिड़ाया बांग्लादेश,
शब्द अग्नि न्यूज़ । नई दिल्ली। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने टी20 विश्व कप के अपने मुकाबले भारत में कराए जाने के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के फैसले को पलटने की मांग करते हुए आईसीसी की डिस्प्यूट रेजोल्यूशन कमेटी (डीआरसी) का दरवाजा खटखटाया है। हालांकि, इस अपील का रद्द होना लगभग तय माना जा रहा है क्योंकि यह मामला डीआरसी के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। वहीं, समाचार एजेंसी एएनआई ने आईसीसी सूत्र के हवाले से कहा कि आईसीसी चेयरमैन जय शाह बांग्लादेश के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकते हैं।
जल्द हो सकता है स्कॉटलैंड के नाम का एलान, बीसीबी ने खटखटाया डीआरसी का दरवाजा
आईसीसी ने स्कॉटलैंड को स्टैंडबाय पर रखा है और समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, शनिवार तक बांग्लादेश के संभावित रिप्लेसमेंट पर औपचारिक घोषणा होने की संभावना है। बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल के नेतृत्व में बोर्ड ने सभी विकल्प आजमाने के तहत डीआरसी से संपर्क किया। बीसीबी से जुड़े एक सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, ‘हां, बीसीबी ने डीआरसी से संपर्क किया है ताकि सभी विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सके। अगर डीआरसी बीसीबी के खिलाफ फैसला देता है, तो इसके बाद केवल स्विट्जरलैंड स्थित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (CAS) ही आखिरी विकल्प होगा।
नजरुल ने अलापा सुरक्षा का पुराना राग
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार और खेल मंत्रालय के सलाहकार आसिफ नजरुल ने सुरक्षा ने कारणों का हवाला देते हुए टीम के भारत आने से इनकार किया था। हालांकि, आईसीसी के संविधान और डीआरसी की टर्म्स ऑफ रेफरेंस के अनुसार, यह समिति आईसीसी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के फैसलों के खिलाफ अपील सुनने के लिए अधिकृत नहीं है। डीआरसी की शर्त 1.3 के मुताबिक, ‘यह समिति आईसीसी या उसके किसी निर्णयकारी निकाय के फैसलों के खिलाफ अपील निकाय के रूप में काम नहीं करेगी । ‘ आईसीसी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने स्वतंत्र सुरक्षा आकलन के आधार पर 14-2 के बहुमत से बांग्लादेश के मैच भारत में ही कराने के पक्ष में वोट दिया था। आकलन में सुरक्षा खतरे को ‘कम से मध्यम’ बताया गया था। इसके बावजूद नजरुल ने कहा कि फैसला बीसीबी नहीं, बल्कि सरकार लेगी।
बीसीबी के फैसले से आईसीसी में नाराजगी
आईसीसी बोर्ड से जुड़े एक सूत्र ने कहा, ने ‘बीसीबी डीआरसी के पास जा सकता है, लेकिन नियमों के मुताबिक यह मामला सुना ही नहीं जा सकता क्योंकि यह बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के फैसले के खिलाफ अपील है।’ सूत्रों के अनुसार, आईसीसी चेयरमैन जय शाह, जो अंडर-19 विश्व कप के लिए नामीबिया में थे, अब दुबई में हैं और शनिवार तक बांग्लादेश के रिप्लेसमेंट पर अंतिम फैसला घोषित कर सकते हैं। आईसीसी के एक अन्य सूत्र ने बताया, ‘आईसीसी बोर्ड के सदस्य अमीनुल इस्लाम बुलबुल से बेहद नाराज हैं क्योंकि आईसीसी को सूचित करने से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी गई। आसिफ नजरुल आईसीसी के लिए ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ हैं, लेकिन बुलबुल को बिना आईसीसी को बताए प्रेस कॉन्फ्रेंस की अनुमति नहीं देनी चाहिए थी। ‘
आरसी कैसे करता है काम ?
डीआरसी ब्रिटिश कानून के तहत काम करती है। 2018 में इसी समिति ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) की ओर बीसीसीआई के खिलाफ दायर 70 मिलियन डॉलर के मुआवजे के दावे को खारिज कर दिया था। उस फैसले में डीआरसी ने कहा था कि दोनों देशों के बीच हुआ ‘मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ केवल ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ था, जो बीसीसीआई पर बाध्यकारी नहीं था। डीआरसी का काम यह जांचना होता है कि आईसीसी बोर्ड ने नियमों और कानूनों का पालन किया या नहीं। यह अपीलीय निकाय नहीं है। डीआरसी के अध्यक्ष माइकल बेलॉफ ( किंग्स काउंसल) हैं। समिति के अन्य सदस्यों में माइक हेरॉन, जस्टिस विंस्टन एंडरसन, डियोन वैन जाइल, गैरी रॉबर्ट्स, गुओ काई, एनाबेल बेनेट, जीन पॉलसन, पीटर निकोलसन, विजय मल्होत्रा और सैली क्लार्क शामिल हैं।
Author: Shabd Agni
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