विरोध की टाइमिंग और तरीके पर सवाल
शब्द अग्नि न्यूज़ । नई दिल्ली. देशवासियों को आज भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के वे शब्द याद आते हैं, जिनमें उन्होंने कहा था कि कोई भी राजनीति राष्ट्र से ऊपर नहीं हो सकती. अगर राजनीति देशहित को नुकसान पहुंचाने लगे, तो वह राष्ट्र के लिए कैंसर की तरह विनाशकारी बन जाती है. शुक्रवार को जो हुआ है, वह उसी चिंता को दोहराता है.
जिस तरह यूथ कांग्रेस के नेताओं ने मोदी विरोध में अपने कपड़े उतारकर एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान विरोध प्रदर्शन किया, उसे राजनीति नहीं कहा जा सकता. वह राजनीति जो भारत के मान-सम्मान को ठेस पहुंचाए, जो देश को अपमानित करे, जो लोकतंत्र की छवि पर दाग लगाए और जो यह भूल जाए कि देशहित सर्वोपरि है, उसे राजनीति नहीं कहा जा सकता. ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया और फ्रांस के बाद भारत दुनिया का चौथा देश था, जिसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर इस तरह के वैश्विक सम्मेलन की मेजबानी की. यह वह मंच था, जहां दुनिया भारत की क्षमता और भविष्य की दिशा को देख रही थी. लेकिन इसी मंच पर यूथ कांग्रेस के नेताओं ने विरोध के नाम पर राष्ट्रीय गरिमा की सीमा लांघ दी.
Author: Shabd Agni
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