भोजशाल परिसर पर आया इंदौर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
शब्द अग्नि / धार । मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (इंदौर बेंच) ने बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने भोजशाला को देवी सरस्वती (वाग्देवी) का मंदिर घोषित किया है और इसके प्रबंधन की जिम्मेदारी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को सौंपी है, कोर्ट का निर्णय एएसआई (ASI) के विस्तृत वैज्ञानिक सर्वेक्षण, ऐतिहासिक दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर सुनाया गया है。
हाईकोर्ट के फैसले के मुख्य बिंदु
भोजशाला का स्वरूप: अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि संपूर्ण परिसर एक हिंदू मंदिर है
पूजा और नमाज: परिसर के अंदर मुस्लिम पक्ष द्वारा नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी गई है और हिंदुओं को यहां पूजा करने का अधिकार दिया गया है。
वेकाल्पिक जमीन: हाईकोर्ट ने कहा कि मुस्लिम पक्ष यदि सरकार से मांग करे, तो मस्जिद के लिए धार में ही कोई अलग वैकल्पिक जमीन उपलब्ध कराई जानी चाहिए。
वाग्देवी की मूर्ति: अदालत ने सुझाव दिया है कि केंद्र सरकार लंदन के ब्रिटिश संग्रहालय में रखी मां वाग्देवी की प्राचीन मूर्ति को भारत वापस लाने का प्रयास करे, यह निर्णय एएसआई (ASI) के विस्तृत वैज्ञानिक सर्वेक्षण, ऐतिहासिक दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर सुनाया गया है
मुस्लिम पक्ष जा सकता है सुप्रीम कोर्ट
संभावना जताई जा रही है कि माननीय हाई कोर्ट के फैसले को मुस्लिम पक्ष माननीय उच्च न्यायालय में चुनौती दे सकता है भोजशाला फैसले पर मुस्लिम पक्ष ने असहमति जताई है जिससे कि संसंभन्व को बल मिलता है मुस्लिम पक्ष का कहना है कि उसने मस्जिद परिसर होने के पर्याप्त तर्क वितर्क पेश किए उन्हें उम्मीद थी कि फैसला उनके पश्चिमी आयेगा मुस्लिम पक्ष का कहना है कि हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है जल्द इस्तमाल में अगला कानूनी कदम उठाया जाएगा
मुस्लिम पक्ष की अपील शांति बनाए रखे
हाई कोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिम समुदाय के धर्मगुरुओं एवं समाज के प्रतिनिधियों ने लोगों से शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की है। उनका कहना है कि यह मामला न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है और इसका समाधान भी संवैधानिक तरीके से ही होना चाहिए। समुदाय के वरिष्ठ लोगों ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट और अफवाहों से बचने की सलाह दी है।
प्रशासन मुस्तैद संभाला मोर्चा
हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन ने पूरे धार शहर और भोजशाला परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया है तथा प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है प्रशासन ने पूरी मुस्तैदी के साथ मोर्चा संभाल रखा है शहर की सुरक्षा एवं शांति बनाए रखने के लिए आला अधिकारी भी अपनी नजर बनाए हुए है
लंबे समय से था विवाद
गौरतलब है कि भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद लंबे समय से अदालत में लंबित था। हिंदू पक्ष इसे प्राचीन सरस्वती मंदिर और संस्कृत अध्ययन केंद्र बताता रहा है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद मानता है, जहां वर्षों से नमाज अदा किए जाने का दावा किया जाता रहा है
Author: Shabd Agni
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