टीकाकरण कराने पहुंची महिला ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार
शब्द अग्नि अनुराग बजाज
दमोह जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। तीन माह की गर्भवती महिला ने पुलिस अधीक्षक दमोह को आवेदन सौंपकर आरोप लगाया है कि टीकाकरण कराने आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचने पर उसके साथ अभद्रता, मारपीट और झूमाझटकी की गई। पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने भी उसकी शिकायत दर्ज करने में गंभीरता नहीं दिखाई।
आवेदन के मुताबिक 22 मई 2026 को पीड़िता गर्भवती टीकाकरण के लिए अपने गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पहुंची थी। वहां मौजूद आशा कार्यकर्ता बबीता उर्फ अनीता राठौर से जब उसने नियमानुसार टीका लगाने की बात कही तो विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि बात इतनी बढ़ी कि आशा कार्यकर्ता ने गाली गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर उसका पुत्र गजेंद्र और पुत्री प्रिया राठौर भी मौके पर आ गए और गर्भवती महिला के साथ मारपीट करने लगे।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके पेट में लात मारी गई और उसके साथ झूमाझटकी की गई। घटना में उसके गले में पहनी सोने की माला टूटकर गिर गई, जिसकी कीमत करीब 20 हजार रुपये बताई गई है। महिला का कहना है कि मारपीट के दौरान उसके शरीर पर नाखूनों के निशान तक आ गए।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि घटना के बाद जब पीड़िता अपने पति के साथ थाना पहुंची तो वहां भी उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। आवेदन में कहा गया है कि न तो रिपोर्ट दर्ज की गई और न ही मेडिकल परीक्षण कराया गया। उल्टा आरोपियों द्वारा जान से खत्म करने की धमकी तक दी गई।
एक तरफ सरकार गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, दूसरी तरफ टीकाकरण केंद्र पर ही गर्भवती महिला के साथ मारपीट के आरोप पूरे सिस्टम पर सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं। अब देखना होगा कि पुलिस अधीक्षक इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं, या फिर यह आवेदन भी फाइलों की धूल में दबकर रह जाएगा।
Author: Shabd Agni
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