3100 वर्गफीट से बड़े प्लॉटों पर सख्त नियम लागू: इंदौर में मल्टी-यूनिट निर्माण के साथ देना होगा आश्रय शुल्क
शब्द अग्नि / इंदौर । अगर आपके पास बड़ा प्लॉट है या आप मल्टी बनाने की प्लानिंग कर रहे है तो यह खबर आपको परेशान कर सकती है नगर निगम ने 2022 के बाद स्वीकृत निर्माण प्रस्तावों की समीक्षा शुरू की। बड़े प्लॉटों पर बनने वाली मल्टी-यूनिट परियोजनाओं के लिए नए प्रावधान लागू, बिल्डरों और संपत्ति मालिकों की बढ़ी जिम्मेदारी।**
इंदौर शहर में बड़े आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स को लेकर नगर निगम ने नई व्यवस्था लागू करना शुरू कर दिया है। 3100 वर्गफीट या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले प्लॉट पर यदि मल्टी-यूनिट भवन, अपार्टमेंट या ग्रुप हाउसिंग का निर्माण किया जाता है, तो निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य होगा। निगम ने वर्ष 2022 के बाद स्वीकृत फाइलों की समीक्षा भी शुरू कर दी है ताकि नए प्रावधानों का सही तरीके से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
डेवलपर्स और संपत्ति मालिकों पर बढ़ी जिम्मेदारी
नए प्रावधानों के अनुसार संबंधित परियोजनाओं में या तो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए निर्धारित प्रतिशत भूमि आरक्षित करनी होगी, अथवा नियमानुसार आश्रय शुल्क जमा करना होगा। निगम अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से शहर में योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा मिलेगा और भविष्य में आवासीय सुविधाओं का संतुलित विस्तार सुनिश्चित किया जा सकेगा।
पुरानी फाइलों की भी होगी जां
नगर निगम अब 2022 के बाद स्वीकृत नक्शों और निर्माण अनुमतियों की क्रमवार जांच कर रहा है। यदि किसी परियोजना में नियमों का पालन नहीं पाया जाता है तो संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। निगम का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ निर्माण गतिविधियों को पारदर्शी और नियमानुसार संचालित करना है। आने वाले समय में इस कार्रवाई का असर शहर की नई हाउसिंग परियोजनाओं और रियल एस्टेट क्षेत्र पर भी दे खने को मिल सकता है।
Author: Shabd Agni
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