बोले- मृतकों के आश्रितों को नौकरी देंगे, 30-30 लाख रुपए चेक दिए
शब्द अग्नि न्यूज़ । इंदौर। सोमवार शाम को सीवर टैंक में उतरने से नगर निगम के दो कर्मचारियों की मौत के मामले में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने जांच के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी और मृत कर्मचारियों के आश्रितों को आउटसोर्स पर नौकरी दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने निगम कर्मचारियों से कहा है कि वे बिना संसाधन व किट के सीवर टैंक में ना उतरें। घटना के बाद मंगलवार शाम को महापौर पुष्यमित्र भार्गव मृतकों के घर पहुंचे और उनके परिजनों से मिले। जोन 13 में चोइथराम मंडी गेट के पास 30 फीट गहरे सीवर टैंक में करण यादव और अजय डोडियार उतरे थे।
मृतकों के आश्रितों को नौकरी देंगे
टैंक के अंदर जहरीली गैस थी, इस कारण उनकी दम घुटने से मौत हो गई थी। जानकारी के अनुसार कर्मचारियों की ड्यूटी शाम 5 बजे तक थी। उस समय मौके पर तीन कर्मचारी मौजूद थे। शाम करीब 6:30 बजे नगर निगम के आउटसोर्स से कार्यरत दो कर्मचारी जोन-13 क्षेत्र में प्राइमरी मेन लाइन में सेफ्टी टैंक की डीवॉटरिंग की जा रही थी, तभी पाइप का टुकड़ा चैंबर में गिरा था उसे वे निकाल रहे थे, तभी ये हादसा हुआ था। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि पीड़ित परिवार से मिलने आए थे। सीएम ने परिवार को जो राहत राशि 30-30 लाख रुपए दी है। उसका चेक आज परिवार को दिया है। भविष्य में भी ऐसे घटना ना हो इसके लिए मैंने जांच के निर्देश दिए हैं। पीड़ित परिवार के साथ हम सब कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। परिवार ने यहीं कहा है कि जो बच्चे हैं, महिलाएं उनकी सुरक्षा की दृष्टि से कहा है, तो हमने कहा है कि जो भी लगेगा हमें बताइए। दोनों कर्मचारी आउटसोर्स पर थे।
इसलिए हमने दोनों के आश्रितों को आउटसोर्स पर नौकरी देने के लिए कहा है। नगर निगम की पूरी टीम दोनों परिवार के साथ है। घटनाक्रम क्या है, कैसे हुआ है। इसके पीछे कौन दोषी है। जांच के निर्देश दिए हैं। करण यादव के ससूर राजेंद्र लोट ने बताया कि महापौर आए थे उन्होंने 30 लाख का चेक दिया है। आगे चलकर जो भी हमने होगा वह करने का आश्वासन दिया है। नौकरी का भी कहा है। करण के परिवार में उसकी पत्नी कविता और साल का बच्चा कुणाल है। का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार की स्थिति ऐसी है कि हम बता नहीं सकते। परिवार में कमाने वाला करण ही था। उन्होंने बताया कि कुणाल अभी स्कूल में पढ़ रहा है। उसको पता ही नहीं है कि पिता को क्या हुआ है। अभी यहां पर सब लोग हैं, बच्चे हैं, इसलिए उसे पता नहीं चल रहा है। जब सब चले जाएंगे अकेला हो जाएगा, तब पूछेगा कि पिता कहां है। बच्चे के पिता का चेहरा ही पहचान में नहीं आ रहा था, पत्नी की भी स्थिति ठीक नहीं है। अचानक परिवार को झटका लगा है। बेटी की तबीयत भी ठीक नहीं है। हमारी बच्ची को परमानेंट नौकरी मिल जाए तो दोनों का भविष्य बन जाएगा। हम लोग भी कब तक है। बच्चे को हम जैसे-तैसे संभाल रहे है। उसका ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे है।
• सीएम ने मुआवजे की घोषणा की
इंदौर। हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले का संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने दोनों मृतक कर्मचारियों के परिजनों को 30-30 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने के निर्देश जारी किए हैं। यह निर्णय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा वर्ष 2023 में दिए गए निर्देशों के आधार पर लिया गया है।
Author: Shabd Agni
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