शब्द अग्नि न्यूज़ । भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा का बजट सत्र आते ही सत्ता और संगठन में ‘ऑल इज वेल’ का संदेश दिया जा रहा है। चाहे यूजीसी के समानता विनियम से उपजी स्थिति हो या फिर ब्राह्मण बेटियों को लेकर असभ्य बयान पर आईएएस संतोष वर्मा पर कार्रवाई को लेकर भाजपा में दो ध्रुव बने हों, अब संदेश दिया जा रहा है कि पार्टी में सब ठीक है। कहीं कोई मतभेद नहीं है। इंदौर के दूषित जल कांड के बाद बनी स्थिति पर सड़क से लेकर संगठन तक पार्टी ने डैमेज कंट्रोल करने का प्रयास किया है।
इसी घटना की वजह से विवाद में आए नगरीय विकास एवं आवास और संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और सरकार के बीच जो दूरी नजर आ रही थी, वह भी शनिवार को समाप्त होती दिखी। कुल मिलाकर अब भाजपा विधानसभा में एकजुट होकर कांग्रेस का सामना करने के लिए तैयार हो गई है। जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह का मामला भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई में न आने से संगठन और सरकार दोनों ने ही राहत की सांस ली है। विधानसभा में भी सरकार विजय शाह मामले के अदालत में होने की बात कहकर जवाब देने से बच जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव को बदलकर सरकार ने विषाक्त कफ सीरप कांड मामले में कार्रवाई का संदेश देने का प्रयास किया है। कैलाश विजयवर्गीय का समर्पण या विराम एक महीने से सरकारी कामकाज से दूर रहकर नाराजगी जाहिर करने वाले कैलाश विजयवर्गीय का शनिवार को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव से मिलना समर्पण का संदेश है या अभी सियासी विराम है, यह स्पष्ट होना है। कई माह से उनकी मुख्यमंत्री से अनबन चर्चा में थी।
Author: Shabd Agni
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