VISITORS

0 0 7 4 3 6

May 14, 2026 6:10 am

+91 8878812345

Explore

Search

May 14, 2026 6:10 am

बारह सो से ज्यादा मामले हर बार वहीं दो गवाह

लुट हत्या पास्को दुष्कर्म सहित बाहर सो से अधिक गंभीर मामलों में वही तो व्यक्ति गवाह पुलिस की कार्यशैली पर उठता सवाल

शब्द अग्नि / इंदौर । खजराना थाना क्षेत्र में बड़ा ’फर्जी गवाह घोटाला‘ सामने आया है। यहां पुलिस ने हत्या, लूट, दुष्कर्म सहित लगभग 1200 से ज्यादा गंभीर मामलों में दो लोगों को गवाह बनाकर प्रस्तुत कर दिया। इनमें 300 से ज्यादा मामले दुष्कर्म, पॉक्सो, हत्या और एनडीपीएस जैसे गंभीर अपराध के शामिल हैं। मिली जानकारी के अनुसार इतना ही नहीं, कुछ केस ऐसे भी हैं, जिनमें ‘फर्जी गवाहों’ तक को उनके गवाह होने की जानकारी नहीं रहती बताया जाता है कि स्थानीय पुलिसकर्मी ही उनकी कागजी कार्यवाही की खानापूर्ति कर देते है

सुप्रीम कोर्ट ने भी लगाई थी फटकार

ज्ञात हो की इससे पहले चंदन नगर थाना पुलिस से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट के सामने 150 से अधिक मामलों में दो गवाह होने का तथ्य सामने आया था, तब सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने थाना प्रभारी इंद्रमणि पटेल को फटकार लगाई लगाते हुए कहा था कि तुम दुर्भाग्य से उस कुर्सी पर बैठे हो, तुम्हें वहां नहीं होना चाहिए। इसके बावजूद वरिष्ठ अधिकारियों अब तक कोई कार्रवाई नहीं की।

गवाहों का खुलासा… थाने पर उठना बैठना

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फर्जी गवाह कांड की जांच में कई लोगों के नाम सामने आए जिनमें मुख्य रूप से इरशाद और नवीन के अलावा गणेश और शिवदिन नमक व्यक्तियों के नाम सामने आए है दोनों की कई प्रकरणों में गवाही मिली। जानकारी के अनुसार इनका कहना है कि पुलिस वालों से दोस्ती है थाने में उठना-बैठना रहता है। गवाह न मिलने पर पुलिसवाले खुद ही हमारे साइन कर देते थे। गिरफ्तारी, मौका पंचनामा, जब्ती पत्रक में नाम लिख कर बयान के लिए कोर्ट बुला लेते थे। रिपोर्ट में नकली साइन का उल्लेख किया गया है।

फर्जी गवाह कांड पर विभागीय जांच शुरू

अब नया मामला सामने आया है। फर्जी गवाह कांड सामने आने के बाद पुलिस कमिश्नर ने डीसीपी को जांच सौंपी है। मजदूरी करने वाले इरशाद पुत्र अब्दुल हकीम और नवीन पुत्र रामचंद्र चौहान खजराना पुलिस के पॉकेट गवाह हैं। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद तत्कालीन एसीपी जयंत सिंह राठौर ने जांच की। उनकी रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए अब कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने विभागीय जांच बैठा दी है। जोन-1 के डीसीपी कृष्ण लालचंदानी ने तत्कालीन टीआइ दिनेश वर्मा को नोटिस भेजा है। फर्जी गवाह के ये सभी मामले वर्ष 2022 से 2023 के बीच के है।

Shabd Agni
Author: Shabd Agni

.

विज्ञापन
लाइव क्रिकेट स्कोर