शब्द अग्नि न्यूज़ । इंदौर। इंदौर में रविवार को आयोजित भव्य गर्भ संस्कार शिविर में 100 से अधिक गर्भवती माताओं और उनके परिजनों ने सहभागिता की। पारंपरिक गोदभराई संस्कार, मातृत्व स्वास्थ्य, संतुलित जीवनशैली और सकारात्मक सोच पर केंद्रित इस आयोजन में सांस्कृतिक गरिमा और पारिवारिक आत्मीयता का विशेष वातावरण देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ योग सेशन से हुआ। इसमें योग विशेषज्ञ डॉ. हेमंत शर्मा ने गर्भावस्था के अनुकूल सुरक्षित आसन, प्राणायाम और ध्यान की विधियां सिखाई। इससे माताओं को शारीरिक सशक्तिकरण के साथ मानसिक शांति
का मार्गदर्शन मिला। इसके बाद डॉ. ब्रजवाला तिवारी (गायनोकॉलॉजिस्ट) ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से गर्भावस्था के दौरान आवश्यक सावधानियों और परहेजों की जानकारी दी। डॉ. कनकप्रिया तिवारी ने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। फिजियोथेरेपी सेशन में एक्सपर्टस ने सही दिनचर्या, बैठने-उठने के तरीके और ऐसे अभ्यास बताए जो नॉर्मल डिलीवरी में सहायक होते हैं। डाइटिशियन डॉ. संवेदिता मालवीय ने संतुलित आहार पर प्रभावी प्रेजेंटेशन दिया। कार्यक्रम के दौरान दंपतियों के लिए रोचक फन एक्टिविटीज और गेम्स भी आयोजित किए गए, जिनका सभी ने भरपूर आनंद लिया। पारंपरिक गोदभराई की रस्म डॉ. ब्रजवाला तिवारी और डॉ. कनकप्रिया तिवारी द्वारा निभाई गई,
जिसमें कई दंपति भावुक नजर आए। डॉ. तिवारी ने बताया कि अस्पताल द्वारा यह गर्भ संस्कार शिविर 18 वर्षों से निरंतर आयोजित किया जा रहा है और अब तक 2 से अधिक दंपतियों को इसका लाभ मिल चुका है। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था केवल शारीरिक अवस्था नहीं, बल्कि भावनात्मक और आध्यात्मिक यात्रा भी है। सकारात्मक वातावरण, संतुलित आहार और नियमित योग का • प्रभाव सीधे शिशु के व्यक्तित्व पर पड़ता है। उन्होंनेकहा कि आधुनिक जीवनशैली, देर से शादी और बढ़ते तनाव के कारण सिजेरियन की संख्या बढ़ी है, लेकिन सही मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास और समय पर डॉक्टरों देखरेख से सामान्य प्रसव की संभावना को बढ़ाया जा सकता है।
Author: Shabd Agni
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