लाइसेंस एक्सपायर… कारोबार जारी! दमोह में बिना वैध अनुमति बिकता रहा पेट्रोल-डीजल,
शब्द अग्नि अनुराग बजाज
दमोह। जिले में पेट्रोल पंपों पर प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर किए जा रहे आकस्मिक निरीक्षणों में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि जिले के कई पेट्रोल पंप बिना वैध विस्फोटक लाइसेंस अथवा लाइसेंस के नवीनीकरण के ही पेट्रोल और डीजल का भंडारण और विक्रय कर रहे थे।
इस खुलासे के बाद प्रशासन ने चार पेट्रोल पंपों को तत्काल सील कर दिया, जबकि 33 पेट्रोल पंप संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए इंडियन ऑयल कंपनी के जबलपुर स्थित रीजनल अधिकारी को भी नोटिस थमाकर जवाब मांगा गया है।
जांच में सामने आया कि जिन पेट्रोल पंपों पर रोजाना हजारों लीटर ज्वलनशील पदार्थ का भंडारण और विक्रय हो रहा था, उनमें से कई के पास वैध विस्फोटक लाइसेंस ही नहीं था या उनका लाइसेंस वर्षों पहले समाप्त हो चुका था।
इसके बावजूद कारोबार लगातार चलता रहा। सवाल यह है कि जब लाइसेंस नहीं था तो पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति किस आधार पर होती रही और संबंधित विभागों तथा तेल कंपनी की निगरानी व्यवस्था आखिर कहां थी?

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने स्पष्ट कहा कि बिना वैध विस्फोटक लाइसेंस के पेट्रोलियम पदार्थों का भंडारण और विक्रय करना विस्फोटक अधिनियम तथा संबंधित नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
यह केवल कागजी अनियमितता नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील मामला है। इसलिए संबंधित पेट्रोल पंप संचालकों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है और जिस अवधि में बिना लाइसेंस कारोबार हुआ, उसकी भी जांच की जाएगी।
कार्रवाई की आंच अब तेल कंपनी तक भी पहुंच गई है। कलेक्टर ने बताया कि इंडियन ऑयल कंपनी के जबलपुर स्थित रीजनल अधिकारियों से पूछा गया है कि बिना वैध लाइसेंस वाले पेट्रोल पंपों को ईंधन की आपूर्ति कैसे होती रही।
कंपनी ने जवाब में बताया है कि प्रदेशभर में ऐसे मामलों की समीक्षा की जा रही है तथा दमोह जिले के सभी 33 पेट्रोल पंपों के विस्फोटक लाइसेंस के लिए तत्काल आवेदन करा दिए गए हैं।
प्रशासन ने साफ संकेत दे दिए हैं कि यह कार्रवाई यहीं नहीं रुकेगी। कलेक्टर ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वैध लाइसेंस प्राप्त होने के बाद ही संचालन करें तथा प्रत्येक पेट्रोल पंप पर निःशुल्क हवा, स्वच्छ पेयजल और शौचालय जैसी अनिवार्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराएं। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन मिलने पर और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब सवाल यही है कि जब कई पेट्रोल पंपों के विस्फोटक लाइसेंस समाप्त हो चुके थे, तब इतने लंबे समय तक ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण और बिक्री किसकी निगरानी में होती रही?
Author: Shabd Agni
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