शब्द अग्नि न्यूज़ । इंदौर। फैमिली कोर्ट में वैलेंटाइन डे पर अनोखा और भावुक दृश्य देखने को मिला। यहां इंजीनियर और डॉक्टर दंपती ने आपसी मतभेद भुलाकर दोबारा साथ जीवन जीने का फैसला किया। कोर्ट परिसर में दोनों ने एक-दूसरे को रेड रोज दिए और परिवार के साथ मुस्कुराते हुए रवाना हो गए। वकीलों ने भी इस फैसले को सराहा और इसे सिर्फ एक केस नहीं, बल्कि दो जिंदगियों से जुड़ा अहम निर्णय बताया। हाईकोर्ट एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे ने बताया कि इंदौर निवासी डॉक्टर पति ने अपनी आईटी सेक्टर में कार्यरत इंजीनियर पत्नी के खिलाफ शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए विवाह विच्छेद की याचिका इंदौर कुटुम्ब न्यायालय में लगाई थी।
न्यायालय ने पत्नी को नोटिस जारी किए थे। दोनों पक्ष 14 फरवरी 2026, वैलेंटाइन डे के दिन कोर्ट में पेश हुए। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश आरके जैन ने दोनों पक्षों को सुना और समझाइश दी। उन्होंने जीवन की लंबी यात्रा और पुराने मतभेद भुलाकर नए सिरे से शुरुआत करने की सलाह दी। इस पर पति – पत्नी सहर्ष सुलह के लिए तैयार हो गए और तलाक का केस वापस लेते हुए समाप्त करा दिया। दंपती की शादी नवंबर 2021 में हुई थी। दोनों की कोई संतान नहीं है ।
पत्नी दिल्ली की एक आईटी कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि पति इंदौर में डॉक्टर हैं। फरवरी 2025 में पति ने तलाक को लेकर फैमिली कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट द्वारा दो-तीन बार नोटिस जारी किए गए थे। अंतिम रूप से 14 फरवरी को दोनों को कोर्ट में उपस्थित होना था। एडवोकेट रूपाली राठौर ने बताया कि फैमिली कोर्ट इंदौर में किसी भी पति – पत्नी विवाद में प्राथमिक स्तर पर परामर्श और मीडिएशन के जरिए समाधान का प्रयास किया जाता है। इस प्रकरण में भी न्यायाधीश की समझाइश के बाद दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बन सकी ।
Author: Shabd Agni
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