VISITORS

0 0 7 8 2 0

May 26, 2026 12:13 am

+91 8878812345

Explore

Search

May 26, 2026 12:13 am

जैव विविधता संरक्षण में सभी की भागीदारी

प्रकृति संतुलन बनाए रखने के लिए पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

शब्द अग्नि / आगर मालवा।
विश्वभर में बढ़ते जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई एवं प्रदूषण के कारण जैव विविधता गंभीर संकट का सामना कर रही है। विशेषज्ञों के अनुसार अनेक वन्य जीव एवं दुर्लभ वनस्पतियाँ विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुकी हैं, जो आने वाले समय में पर्यावरणीय संतुलन के लिए बड़ी चुनौती बन सकती हैं।
भारत में भी जंगलों के घटते क्षेत्रफल, नदियों के बढ़ते प्रदूषण एवं अनियंत्रित शहरीकरण का सीधा प्रभाव पशु-पक्षियों और प्राकृतिक संसाधनों पर पड़ रहा है। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते प्रभावी संरक्षण उपाय नहीं किए गए, तो आने वाली पीढ़ियों को प्राकृतिक असंतुलन की गंभीर परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
जैव विविधता संरक्षण के लिए शासन स्तर पर विभिन्न राष्ट्रीय उद्यानों, अभयारण्यों एवं वृक्षारोपण अभियानों के माध्यम से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं विद्यालयों एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में जिला कलेक्टर प्रीति यादव एवं जिला शिक्षा अधिकारी सौरभ जैन के निर्देशन में स्काउट मास्टर एवं जलवायु परिवर्तन नेता भेरूलाल ओसारा ने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय सहभागिता की अपील की है।
उन्होंने कहा कि नागरिक अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें, जल स्रोतों को स्वच्छ बनाए रखें तथा वन्य जीवों की सुरक्षा में सहयोग करें। जैव विविधता केवल प्रकृति की सुंदरता का प्रतीक नहीं, बल्कि मानव जीवन के अस्तित्व और प्राकृतिक संतुलन का आधार भी है।

Shabd Agni
Author: Shabd Agni

.

विज्ञापन
लाइव क्रिकेट स्कोर