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सिरसी पछार पंचायत में हो रहा फर्जीवाड़ा

 

फर्जीवाड़े को रोकने में नहीं है जनपद सीईओ की रुचि, कागजों में महिलाओं से मजदूरी, पोर्टल पर पुरूषों के फोटो

शब्द अग्नि मनोज जैन कलाकार

अशोकनगर। जनपद पंचायत अशोकनगर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सिरसी पछार में मनरेगा की राशि हड़पने के लिए जिम्मेदार तरह-तरह के काले कारनामे कर रहे हैं। दैनिक समाचार पत्र ने ग्राम पंचायत सिरसी पछार में हो रहे फर्जीवाड़े का समाचार बीती 18 मार्च को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। पर अभी तक अधिकारियों ने कोई कार्यवाही नहीं की। इसी कारण सिरसी पछार के पंचायतकर्मियों ने मनरेगा में गड़बडिय़ों पर विराम लगाने के बजाए फर्जीवाड़े की रफ्तार तेज कर दी है। उल्लेखनीय है कि सिरसी पछार पंचायत में जिम्मेदारों ने पूर्व में मनरेगा पोर्टल पर मजदूरी करने के जो फोटो अपलोड किए थे उनमें मजदूरों करने वालों मेें महिलाओं के नाम लिखे हैं लेकिन फोटो में मजदूरी करते हुए पुरुष दिखाई दे रहा है जाहिर है कि मनरेगा में फर्जीवाड़ा किया जा रहा था। 18 मार्च को सिरसी पछार में वर्क कोड 1748005022/आईसी/22012034893266 एवं मस्टर रोल 46383 को मनरेगा पोर्टल पर अपलोड किया गया है इसमें सोनाबाई, रामवती बाई, बालकुमारी, अकल बाई, कमलेश बाई, सुनीता, मुन्नीबाई के नाम हैं जबकि फोटो में इन महिलाओं की जगह मजदूरी करते हुए पुरुषों के फोटो अपलोड हैं।
शनिवार को कर रहे थे कागजों में 74 मजदूर काम
सिरसी पछार में शनिवार को पोर्टल पर 74 मजदूरों की अटैंडेंस लगाई गई थी। पंचायत में दो सार्वजनिक कूप निर्माण और एक पोखर निर्माण व अन्य कार्य होना बताया गया था। इन कामों में पोखर निर्माण गोविंद के खेत के पास ग्राम सिमरिया, सार्वजनिक कूप निर्माण ग्राम पिपनावदा डीपी के पास और सार्वजनिक कूप निर्माण ग्राम बामौरी भीमा में रोड़ के पास के काम शामिल हैं।
समाचार प्रकाशन के बाद नई चाल, फोटो अपलोड करने से की तौबा
जब बीती 18 मार्च को इस फर्जीवाड़े की खबर प्रकाशित की तो सिरसी पछार पंचायत के कारिंदों ने एक नई चाल खेली जिससे कि फर्जीवाड़ों को पकड़ा न जा सके। इसके लिए अधिकारियों की शह पर ही फोटो अपलोड करने से तौबा कर ली गई। अब मनरेगा पोर्टल पर केवल मजदूरों के नाम दिखाई दे रहे हैं पर काम करते समय के मजदूरों के चित्र दिखाई नहीं दे रहे हैं। जाहिर है कि इसके पीछे अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है।
दो महीने बाद भी सीईओ का वहीं रटा-रटाया जबाव
अशोकनगर जनपद में मनरेगा योजना भ्रष्टाचार का पर्याय बन चुकी है इसके लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार जनपद सीईओ शैलेंद्र यादव हैं। इसकी बानगी यह है कि सिरसी पछार में हो रहे फर्जीवाड़े की जानकारी उन्हें भी है पर इस बारे मेें कुछ भी बताने से बच रहे हैं। शायद उन्हें भी यह पता है कि यदि निष्पक्ष जांच होगी तो बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। 19 मार्च को समाचार प्रकाशन को अब दो महीने से भी ज्यादा समय हो चुका है। तब जनपद सीईओ श्री यादव ने कहा था कि जांच कराकर कार्यवाही करेगें। अब दो महीने बाद भी जब शनिवार को जनपद सीईओ से सिरसी पछार मामले में जांच की स्थिति के बारे में पूछा तो उन्होंने वहीं पुराना और घिसा-पिटा जबाव दे दिया कि आप अपने समाचार की कटिंग डाल दो मैं दिखवाता हूं कि जांच रिपोर्ट में क्या आया है।

Shabd Agni
Author: Shabd Agni

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