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July 10, 2026 7:28 pm

इंदौर : जाँच के नाम पर बैंक खाता सील नहीं कर सकते

हाईकोर्ट का फैसला विवादित राशि एफडी में रखने की अनुमति, वैधानिक प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य

शब्द अग्नि / इंदौर  मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर  खंडपीठ ने साइबर अपराध की जांच के दौरान बैंक खाते फ्रीज करने की प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल साइबर सेल के ई-मेल के आधार पर किसी नागरिक का पूरा बैंक खाता अनिश्चितकाल के लिए फ्रीज करना कानूनसम्मत नहीं है। कोर्ट ने उज्जैन निवासी हेमंत बैरागी का एचडीएफसी बैंक खाता अनफ्रीज करने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी खाते में विवादित राशि होने का संदेह है तो केवल उसी राशि को सुरक्षित रखा जा सकता है।

बिना सूचना खाता फ्रीज करने पर उठे सवाल

याचिकाकर्ता हेमंत बैरागी ने अदालत को बताया कि उनका उज्जैन स्थित एचडीएफसी बैंक खाता बिना किसी पूर्व सूचना या वैधानिक प्रक्रिया के फ्रीज कर दिया गया। उनका कहना था कि वे क्रिप्टो और वर्चुअल करेंसी का वैध कारोबार करते हैं। यदि किसी साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी राशि खाते में आई भी हो, तो उसे अलग से सावधि जमा (एफडी) में रखा जा सकता है, लेकिन पूरे खाते के संचालन पर रोक लगाना उनके अधिकारों का उल्लंघन है।

हाईकोर्ट ने पुराने फैसले का दिया हवाला

न्यायमूर्ति संदीप एन. भट्ट की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि यह मामला पूर्व में दिए गए *मैल्कम मुरायिस बनाम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एवं अन्य* के निर्णय से पूरी तरह मेल खाता है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शिवम राठौर ने इसी निर्णय का हवाला दिया, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए वर्तमान मामले में भी वही सिद्धांत लागू किया और खाते को अनफ्रीज करने का आदेश पारित किया।

तीन माह में कार्रवाई नहीं तो राशि भी निकाल सकेंगे

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि पुलिस या साइबर जांच एजेंसी को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) अथवा अन्य लागू कानूनों के तहत तीन माह के भीतर सक्षम न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करनी होगी। इस अवधि तक विवादित राशि को एफडी में सुरक्षित रखा जा सकता है। यदि निर्धारित समय में कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तो खाताधारक संबंधित पुलिस एजेंसी को सूचना देकर एफडी में रखी गई राशि भी निकालने का अधिकार रखेगा। यह फैसला साइबर जांच और नागरिकों के बैंकिंग अधिकारों के बीच संतुलन स्थापित करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

Shabd Agni
Author: Shabd Agni

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