जनहित याचिका दायर दोषियों पर आपराधिक कार्रवाई और घायलों के निःशुल्क उपचार की मांग
शब्द अग्नि / indore
शब्द अग्नि इंदौर। विजय नगर के सुमन नगर में 23 जून को हुए गैस पाइप लाइन ब्लास्ट मामले में नगर निगम ने हाई कोर्ट में अपनी जिम्मेदारी से इनकार करते हुए कहा कि उसने न तो बोरिंग की अनुमति दी थी और न ही बोरिंग मशीन भेजी थी। निगम के अनुसार मशीन वार्ड 31 के पार्षद बालमुकुंद सोनी ने बुलवाई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान शासन ने कोर्ट को बताया कि पुलिस जांच जारी है। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए 13 जुलाई से पहले हर हाल में जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी पक्षकारों को अपना पक्ष लिखित में प्रस्तुत करने की अनुमति दी।
हादसे को लेकर एडवोकेट रितेश ईनाणी ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर दोषियों पर आपराधिक कार्रवाई और घायलों के निश्शुल्क उपचार की मांग की है। इससे पहले कोर्ट गंभीर रूप से झुलसी युवती के बेहतर इलाज और सभी घायलों के मुफ्त उपचार के निर्देश दे चुका है।
वहीं, पार्षद बालमुकुंद सोनी ने निगम के दावे को खारिज करते हुए कहा कि बोरिंग मशीन निगम ने ही भेजी थी और उनके पास इसे लेकर अधिकारियों के फोन आने के प्रमाण भी हैं। उनका कहना है कि कॉल डिटेल सामने आने पर पूरी सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी।
Author: Shabd Agni
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