जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच रहना चाहिए सार्वजनिक मंच से मंत्री ने जताई नाराजगी
शब्द अग्नि/ इंदौर । शहर में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव पर अप्रत्यक्ष रूप से तंज कसते हुए जल संकट और बैठकों में अनुपस्थिति के मुद्दे को उठाया। मंत्री ने मंच से ही जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों का जिक्र करते हुए कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता और नियमित उपस्थिति आवश्यक है।
जल संकट को लेकर जताई चिंता
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने संबोधन में शहर में जल संकट का उल्लेख करते हुए कहा कि नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना जनप्रतिनिधियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने संकेतों में कहा कि ऐसे समय में सभी जिम्मेदार लोगों को सक्रिय रहकर समाधान निकालना चाहिए।
बैठकों में नियमित भागीदारी की दी सलाह
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने यह भी कहा कि विकास कार्यों और शहर की समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित बैठकों में संबंधित जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति जरूरी है। उन्होंने कहा कि निर्णय लेने वाली बैठकों से दूरी बनाने के बजाय उनमें सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए, ताकि योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो सके।
राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
मंत्री के इस सार्वजनिक बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। इसे महापौर पुष्यमित्र भार्गव के प्रति सार्वजनिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि कार्यक्रम के दौरान महापौर की ओर से इस टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
शहर की राजनीति में बयान बना चर्चा का विषय
कैलाश विजयवर्गीय का यह बयान अब शहर की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सार्वजनिक मंच से इस तरह की टिप्पणी स्थानीय नेतृत्व के बीच बेहतर समन्वय और जवाबदेही की अपेक्षा का संकेत भी मानी जा रही है।
Author: Shabd Agni
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