शब्द अग्नि न्यूज़ । नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को रेप के आरोपों से जुड़े एक मामले में शादी से पहले फिजिकल रिलेशनशिप को लेकर हैरानी जताई। जस्टिस बी. वी. नागरत्ना ने कहा कि हम यह नहीं समझ पाते कि एक लड़का और लड़की शादी से पहले शारीरिक संबंध कैसे बना सकते हैं।
जस्टिस नागरत्ना ने कहा- हो सकता है हम पुराने ख्यालों के हों लेकिन जब तक शादी नहीं हो जाती तब तक लड़का और लड़की अजनबी होते हैं। उन्हें बहुत सावधान रहना चाहिए । किसी पर भी भरोसा नहीं करना चाहिए। जस्टिस नागरत्ना के साथ जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच एक व्यक्ति की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिस पर एक महिला से शादी का वादा करके शारीरिक संबंध बनाने का आरोप है। वहीं, व्यक्ति पर पहले से शादीशुदा होने और बाद में दूसरी महिला से शादी करने का आरोप भी है। सरकारी वकील के मुताबिक, लगभग 30 साल की युवती की 2022 में एक मैट्रिमोनियल साइट पर शख्स से मुलाकात हुई थी। आरोप है कि शख्स ने युवती से शादी का वादा करके दिल्ली और बाद में दुबई में कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। युवती ने दावा किया है कि शख्स के कहने पर वह दुबई गई थी। वहां उसकी सहमति के बिना आरोपी ने अश्लील वीडियो रिकॉर्ड किए, और विरोध करने पर उन्हें वायरल करने की धमकी दी। शिकायतकर्ता को बाद में पता चला कि शख्स ने 19 जनवरी, 2024 को पंजाब में दूसरी शादी कर ली थी।
Author: Shabd Agni
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