परिवारजनों ने जिला अस्पताल खंडवा के डॉक्टर्स की सराहना की
दैनिक शब्द अग्नि / प्रकाश पटेल
खंडवा / जिला चिकित्सालय खंडवा के चिकित्सकों की तत्परता और सूझबूझ से एक गर्भवती महिला की जान बची। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर अनिरुद्ध कौशल ने बताया कि खरगोन जिले के सनावद निवासी वर्षा को उनके पति सचिन गत 23 जून को रेफर कराकर जिला अस्पताल खंडवा लाये थे। वर्षा सात माह से गर्भवती थी, और खंडवा अस्पताल लाते समय उसकी सांसें लगभग थम चुकी थीं। डॉक्टरों की टीम की सूझबूझ और त्वरित इलाज से वर्षा मौत के मुंह से वापस आ गई। सिविल सर्जन डॉक्टर कौशल ने बताया कि वर्षा की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों की टीम ने बिना एक पल गंवाए तुरंत इमरजेंसी प्रोटोकॉल के तहत उसे सीपीआर दिया, और एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट सिस्टम की सुविधा उपलब्ध कराई। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ लक्ष्मी डूडवे और निश्चेतना विशेषज्ञ डॉक्टर प्रणव ने गर्भस्थ शिशु को बचाने के लिए इमरजेंसी में पेरी- मार्टम सीजर किया। ऑपरेशन के तुरंत बाद महिला के दिल की धड़कने वापस आने लगी। महिला को आई.सी.यू. में वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सपोर्ट कि सुविधा उपलब्ध कराई गई तथा जरूरी जीवनरक्षक दवाइयों से महिला की हालात धीरे-धीरे सुधरने लगी।
आई.सी.यू. में डॉक्टर विनीता, डॉक्टर अपर्णा, आई.सी.यू. इंचार्ज सुरेखा पवार, अवंशिका, संतोषी नागरे और टीम के सहयोग से वर्षा की हालत में अब काफी सुधार है ल डॉ. लक्ष्मी डुडवे ने बताया कि सनावद हॉस्पिटल से जैसे ही फोन आया कि अत्यंत गंभीर महिला को रेफर कर रहे हैं, वैसे ही हमने पूरी टीम को अलर्ट कर सभी आवश्यक तैयारियां कर ली थी l वर्षा को 3 दिन तक वेंटिलेटर पर रखा तो धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो गई। अब वर्षा पूरी तरह से स्वस्थ है ल पति सचिन ने बताया कि वर्षा के दिल की धड़कन पूरी तरह से रुक गई थीं, और हमने उम्मीद छोड़ दी थी। ऐसे में खंडवा जिला अस्पताल के डॉक्टर्स एवं उनकी टीम के अथक प्रयासों से वर्षा को नया जीवन मिला और उसका परिवार उजड़ने से बच गया। इसके लिए वह सिविल सर्जन डॉक्टर अनिरुद्ध कौशल सहित उनकी पूरी टीम का आभार व्यक्त करता हैl
Author: Shabd Agni
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