बारना बाईं मुख्य नहर के नीचे बनी सुरंग, हजारों एकड़ फसल प्रभावित होने का खतरा, ईई ने जांच के दिए निर्देश
शब्द अग्नि l राज ठाकुर बाड़ी
रायसेन । 70 के दशक में निर्मित ऐतिहासिक बारना बांध ने क्षेत्र को धान का कटोरा बनाने में अहम भूमिका निभाई है। इससे रायसेन ओर सीहोर जिले के सैकड़ों गांव की हजारो एकड़ जमीन सिंचित होती है। इस डैम की प्रमुख नहर बदहाल है। करोड़ों रुपये के रखरखाव बजट और नियमित निरीक्षण के दावों के विपरीत बारना बाई मुख्य नहर पर स्थित काकरिया एक्वाडक्ट के नीचे लगातार पानी के रिसाव से मिट्टी बह चुकी है। इसके नीचे बड़ी सुरंग बन गई है, जिससे संरचना कमजोर हो गई है। समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो बड़ा हादसा ।
होने के साथ हजारों एकड़ फसल की सिंचाई प्रभावित हो सकती है। इस मामले में जल संसाधन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। किसानों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि बरसात और सिंचाई सीजन को ध्यान में रखते हुए इस एक्वाडक्ट की तत्काल
रिसाव से काकरिया एक्वाडक्ट के नीचे बनी सुरंग।
तकनीकी जांच कराकर मरम्मत कराई जाए, ताकि संभावित हादसे से बचा जा सके। इस मामले में ईई बारना विभाग शिवेश मोहानी का कहना है कि आपके माध्यम से जानकारी मिली है। टीम से निरीक्षण के बाद इसकी मरम्मत का कार्य शीघ्र कराया जाएगा।
Author: Shabd Agni
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