VISITORS

0 0 6 4 9 5

March 1, 2026 5:00 am

+91 8878812345

Explore

Search

March 1, 2026 5:00 am

2 मार्च से थम जाएंगे 29 हजार बसों के पहिए

मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा का विरोध, बस संचालकों की हड़ताल; होली पर यात्रियों को मुश्किलें
शब्द अग्नि न्यूज़ । उज्जैन। मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा के विरोध में उज्जैन सहित पूरे प्रदेश की 29 हजार से अधिक बस के संचालक 2 मार्च से हड़ताल करने जा रहे है। इस हड़ताल की वजह से बड़ी संख्या में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
उज्जैन की भी करीब 5 हजार बसे बंद रहेंगी। 2 मार्च को होली की छुट्टी पर बड़ी संख्या में लोग अपने घर जाने के लिए बस सेवा का उपयोग करते है, ऐसे में संभावित हड़ताल हुई तो लोगों मुसीबत बढ़ जायेगी।
बसों पर हड़ताल के बैनर पोस्टर
अप्रैल में शुरू होने वाली मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा के विरोध में 2 मार्च से बसों का संचालन बंद कर संचालक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जायेंगे। ऐसे में यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। संभागभर के बस ऑपरेटरों ने विरोध स्वरूप अपनी-अपनी बसों पर हड़ताल के बैनर पोस्टर लगा दिए है। अपनी मांग को लेकर कई बार सरकार को अवगत भी करा चुके है। दरअसल  मप्र सरकार जल्द ही मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा चालू करने जा रही हैं, जिसका विरोध मप्र बस ऑनर्स एसोसिएशन करने जा रहा है। माना जा रहा है कि यदि हड़ताल होती है तो यात्रियों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। उन्हें निजी वाहनों पर और ट्रेन पर निर्भर होना पड़ेगा।
दो मार्च से बस संचालन बंद करने की चेतावनी
प्राइम रूट बस संगठन मध्य प्रदेश के अध्यक्ष पंडित गोविंद शर्मा ने बताया कि शासन की उक्त परिवहन की नई पॉलिसी से ऑपरेटरों का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। कई लोग बेरोजगार हो जाएंगे। यात्रियों को किराया भी अधिक देना पड़ सकता है। एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि वह अपनी नीति को आगे नहीं बढ़ाए। चेतावनी पत्र दिया है कि यदि एक मार्च तक उनकी मांगें नहीं मानी गई तो दो मार्च से प्रदेशभर में बसों का संचालन
बंद करेंगे।
गोविन्द शर्मा ने बताया कि सरकार ने 24 दिसम्बर को विज्ञप्ति जारी की है, जिसमें मोटर अधिनयम के तहत कुछ परिवर्तन कर एक नई कम्पनी बनाकर बस का संचालन करेगी, प्रदेश में 29 हजार बस चल रही है। सरकार परमिट छीनकर एक नई कम्पनी को देना चाहती है। जो टेंडर में अधिक राशि भरेगा उसको टेंडर मिलेगा इससे अव्यवस्था का माहौल बनेगा। बसों का किराया करीब 35 प्रतिशत तक बढ़ जायेगा । मांगे नहीं मानी गई तो 2 मार्च से बसों के चक्के जाम रहेंगे।
अप्रैल में बसों को अनुबंधित ( लीज पर लेने) की प्रक्रिया शुरू होगी और इसके बाद चरणबद्ध तरीके से संचालन शुरू किया जाएगा। इंदौर संभाग में बसों का संचालन एआइसीटीएसएल के हाथ में रहेगा, जबकि प्रदेश के अन्य संभागों में अलग-अलग सहायक कंपनियां यह जिम्मेदारी संभालेंगी। दावा किया जा रहा है कि इससे यात्रियों को सुरक्षित, अनुशासित और नियमित बस सेवा मिलेगी, वहीं बस ऑपरेटरों की आय भी मौजूदा व्यवस्था से बेहतर होगी।

Shabd Agni
Author: Shabd Agni

.

विज्ञापन
लाइव क्रिकेट स्कोर