शब्द अग्नि / हिमालय गोहिया
सीहोर। कभी शहर की पहचान और बच्चों के आकर्षण का केंद्र रहा सुंदर वन पार्क आज बदहाली का शिकार है। रविवार को ‘सीवन पुत्र’ टीम ने सुंदर वन का भ्रमण किया, जहां बच्चों ने मासूम सवाल पूछा—”हमारा सुंदर वन कब वापस मिलेगा?”
टीम ने बच्चों को बताया कि वर्ष 1990 में विकसित इस पार्क में कभी नौकायन, मचान, झूले, फिसलपट्टी, मगरमच्छ, विभिन्न पशु-पक्षी, औषधीय पौधे और सीवन नदी पर बना लकड़ी का पुल प्रमुख आकर्षण थे। लेकिन वर्षों की उपेक्षा के कारण आज यह परिसर उजाड़ हो चुका है।
सीवन पुत्र प्रदीप चावड़ा ने कहा कि सुंदर वन कभी बच्चों की मस्ती और शहरवासियों के सुकून का केंद्र था। यदि इसका पुनर्विकास किया जाए तो यह सीहोर में पर्यटन का प्रमुख स्थल बन सकता है। टीम ने शासन-प्रशासन और नगर पालिका से सुंदर वन के जीर्णोद्धार की मांग करते हुए इसे फिर से विकसित करने का आग्रह किया। इस दौरान सुरेश भगत, कैलाश चव्हाण, प्रकाश यादव, लक्ष्मण चौकसे, योगेंद्र राय सहित कई नागरिक एवं बच्चे उपस्थित रह
Author: Shabd Agni
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