नवभारत हाउसिंग सोसायटी घोटाला करोड़ों की गड़बड़ी में कार्रवाई तेज
शब्द अग्नि / इन्दौर । शहर की चर्चित नवभारत हाउसिंग सोसायटी घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। करीब 4.64 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं और जमीन घोटाले से जुड़े मामले में ईडी ने विशेष पीएमएलए न्यायालय, इंदौर में अभियोजन शिकायत (चालान) पेश की है। कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए आरोपियों को नोटिस जारी कर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
एमजी रोड थाने में दर्ज है मामला
ईडी की कार्रवाई एमजी रोड थाना में दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई है। जांच एजेंसी ने इस मामले में श्रीकांत घटे, सुभाष चंद्र दुबे, राकेश जैन, अंतिम जोशी और आनंद शाह को आरोपी बनाया है। इन पर सोसायटी के फंड में वित्तीय गड़बड़ी और सदस्यों के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप हैं।
जमीन बेचकर फंड में किया गया खेल
जांच के दौरान ईडी को पता चला कि सोसायटी के तत्कालीन पदाधिकारियों ने सोसायटी की संपत्तियों का दुरुपयोग करते हुए फंड से खरीदी गई जमीन विभिन्न संस्थाओं और व्यक्तियों को बेच दी। आरोप है कि बिक्री से प्राप्त राशि का सही हिसाब-किताब नहीं रखा गया और करोड़ों रुपये का गबन किया गया।
मनी लॉन्ड्रिंग के मिले संकेत
ईडी के अनुसार, घोटाले से अर्जित धन को छिपाने और वैध दिखाने के लिए कई वित्तीय लेन-देन किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि इस राशि से अचल संपत्तियां खरीदी गईं और कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड भी नष्ट कर दिए गए, ताकि वास्तविक वित्तीय लेन-देन का खुलासा न हो सके।
64 लाख की संपत्तियां पहले ही हो चुकी हैं अटैच
मालूम हो कि इस मामले में ईडी पहले ही फरवरी में करीब 64 लाख रुपये मूल्य की अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच कर चुकी है। एजेंसी का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले समय में मामले में नए खुलासे होने के साथ अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
Author: Shabd Agni
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