फर्जी ई-मेल भेजा लॉजिस्टिक कारोबारी की सतर्कता से बची बड़ी रकम
शब्द अग्नि / यासिर पठान इंदौर साइबर अपराधी अब लोगों को ठगने के लिए नई-नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ताजा मामले में एक लॉजिस्टिक कारोबारी को फर्जी ई-मेल भेजकर कंपनी का भुगतान दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर कराने की कोशिश की गई। हालांकि समय रहते संदेह होने पर कारोबारी ने भुगतान रोक दिया, जिससे बड़ी आर्थिक ठगी टल गई।
इस तरह बिछाया था जाल
जानकारी के अनुसार, कारोबारी को ऐसा ई-मेल प्राप्त हुआ जो पहली नजर में उसकी व्यावसायिक सहयोगी कंपनी का ही प्रतीत हो रहा था। मेल में दावा किया गया कि कंपनी ने अपना बैंक खाता बदल लिया है और आगे का भुगतान नए खाते में किया जाए। ई-मेल का प्रारूप और भाषा इतनी पेशेवर थी कि उस पर आसानी से भरोसा किया जा सकता था।
खाते की पुष्टि करने से खुला भेद
भुगतान की प्रक्रिया शुरू होने से पहले कारोबारी ने संबंधित कंपनी से दूसरे माध्यम से संपर्क कर बैंक खाते में बदलाव की पुष्टि करनी चाही। तब पता चला कि कंपनी ने ऐसा कोई ई-मेल भेजा ही नहीं था। इसके बाद स्पष्ट हुआ कि साइबर ठगों ने ई-मेल स्पूफिंग तकनीक का इस्तेमाल कर फर्जी संदेश भेजा था, ताकि भुगतान अपने खाते में कराया जा सके।
साइबर पुलिस कर रही जॉच
मामले की जानकारी साइबर पुलिस को दी गई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ठग असली ई-मेल जैसी आईडी और फॉर्मेट तैयार कर कंपनियों को निशाना बना रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी संस्था या कारोबारी द्वारा बैंक खाते में बदलाव संबंधी सूचना मिलने पर केवल ई-मेल के आधार पर भुगतान न करें, बल्कि फोन या अन्य आधिकारिक माध्यम से उसकी पुष्टि अवश्य करें।
Author: Shabd Agni
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