टनल से बदलेगा रास्ता, लेकिन बढ़ेंगी मुश्किलें? तलाई नाका के ग्रामीणों ने उठाए सवाल
शब्द अग्नि / इंदौर। इंदौर-खंडवा फोरलेन हाईवे परियोजना के तहत बन रही टनल और प्रस्तावित ब्रिज के अलाइनमेंट को लेकर तलाई नाका गांव के ग्रामीणों ने विरोध जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान डिजाइन लागू होने पर गांव दो हिस्सों में बंट जाएगा और एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचने के लिए करीब दो किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी प्रभावित होगी
ग्रामीणों के अनुसार, हाईवे और टनल निर्माण से क्षेत्र की कनेक्टिविटी प्रभावित होगी। उनका आरोप है कि प्रस्तावित ब्रिज का अलाइनमेंट स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार नहीं किया गया है, जिससे रोजमर्रा के आवागमन, खेती-किसानी और अन्य गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
गांव के बीच बढ़ेगी दूरी
स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी गांव के भीतर आसानी से आवाजाही हो जाती है, लेकिन नए निर्माण के बाद एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा। इससे स्कूली बच्चों, किसानों और ग्रामीणों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
परियोजना से सफर होगा आसान
दूसरी ओर, इंदौर-खंडवा हाईवे परियोजना को क्षेत्र की बड़ी आधारभूत परियोजनाओं में माना जा रहा है। भेरूघाट क्षेत्र में टनल और वायडक्ट के निर्माण से यात्रा समय कम होने और सड़क सुरक्षा में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। ([Instagram][1])
स्थानीय ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन और परियोजना से जुड़े अधिकारियों से ब्रिज के अलाइनमेंट की पुनः समीक्षा करने की मांग की है। उनका कहना है कि विकास कार्यों का स्वागत है, लेकिन स्थानीय लोगों की सुविधा और गांव की कनेक्टिविटी को भी। प्राथमिकता दिया जाना चाहिए
Author: Shabd Agni
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