पार्षद कमलेश कालरा के जाति प्रमाण-पत्र विवाद में नया मोड़, याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में दाखिल किया जवाब
शब्द अग्नि / इंदौर। पिछले कुछ समय से शहर भाजपा की दशा दिशा कुछ ठीक नहीं चल रही आए दिन कुछ ना कुछ विवाद सुर्खियों में रहा है हालिया मामला भाजपा पार्षद कमलेश कालरा के जाति प्रमाण-पत्र से जुड़े मामले में सुनवाई के दौरान नया घटनाक्रम सामने आया है। मामले के याचिकाकर्ता की ओर से मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में रिजॉइंडर (प्रत्युत्तर) प्रस्तुत किया गया है। इसके साथ ही याचिकाकर्ता ने अपने पूर्व में लगाए गए आरोपों और तर्कों को दोहराते हुए अदालत से मामले में शीघ्र निर्णय की मांग की है।
जाति प्रमाण वैधता पर सवाल उठाए
याचिका में दावा किया गया है कि पार्षद चुनाव के दौरान प्रस्तुत किए गए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के जाति प्रमाण-पत्र की वैधता पर गंभीर सवाल हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि संबंधित प्रमाण-पत्र की जांच समयबद्ध तरीके से नहीं की गई, जबकि इस संबंध में पूर्व में न्यायालय आवश्यक निर्देश जारी कर चुका है।
जाँच में हो रहा अनावश्यक अविलंब
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि मामले की जांच में अनावश्यक विलंब हो रहा है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। वहीं, प्रतिवादी पक्ष ने अपने जवाब में सभी आरोपों को निराधार बताते हुए याचिका को खारिज करने की मांग की है।
दोनों पक्षों पर किया जाएगा विचार
अब हाईकोर्ट में दोनों पक्षों के दस्तावेज और दलीलों पर विचार किया जाएगा। अदालत के आगामी आदेश पर इस बहुचर्चित मामले की आगे की दिशा तय होगी, जिस पर स्थानीय राजनीतिक हलकों की भी नजर बनी हुई है।
Author: Shabd Agni
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