एमजीएम मेडिकल कॉलेज की कैंटीन अब कॉलेज करेगा संचालित, चार टेंडर रद्द होने के बाद लिया फैसला
शब्द अग्नि / इंदौर । लंबे समय से कैंटीन संचालन को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति के बीच एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। लगातार चार बार टेंडर प्रक्रिया सफल नहीं होने पर अब कॉलेज ने कैंटीन का संचालन अपने स्तर पर करने का निर्णय लिया है। इसके लिए डॉक्टरों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं की भागीदारी वाली एक समिति बनाई गई है, जो पूरी व्यवस्था की निगरानी करेगी।
टेंडर प्रक्रिया नहीं हुई सफल
कॉलेज प्रशासन के अनुसार पिछले डेढ़ साल में कैंटीन संचालन के लिए चार बार टेंडर जारी किए गए, लेकिन तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। ऐसे में छात्रों और कर्मचारियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया गया है।
3 हजार से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ
कॉलेज परिसर में प्रतिदिन करीब तीन हजार छात्र-छात्राएं और लगभग दो हजार स्टाफ सदस्य मौजूद रहते हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सभी को परिसर में ही स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण और किफायती भोजन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
100 रुपये के भीतर नाश्ता और भोजन
नई कैंटीन का संचालन **’कैम्पस क्रेविंग्स’** नाम से किया जाएगा। प्रशासन का दावा है कि नाश्ता और दोपहर का भोजन 100 रुपये के भीतर उपलब्ध कराया जाएगा। कैंटीन में ओपन किचन और सेल्फ सर्विस की सुविधा रहेगी, जिससे भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर निगरानी रखी जा सकेगी।
समिति करेगी सतत् निगरानी
कैंटीन की व्यवस्था, साफ-सफाई, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, कर्मचारियों की उपलब्धता और मूल्य निर्धारण की जिम्मेदारी गठित समिति के पास होगी। समिति समय-समय पर निरीक्षण कर आवश्यक सुधार भी सुनिश्चित करेगी।
रात तक खुली रहेगी कैंटीन
कॉलेज प्रशासन ने बताया कि मेडिकल छात्रों की पढ़ाई और अस्पताल की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कैंटीन को देर रात तक संचालित किया जाएगा। साथ ही खेल परिसर और लाइब्रेरी का उपयोग करने वाले छात्र-छात्राओं को भी इसका लाभ मिलेगा।
Author: Shabd Agni
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