वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव के द्वितीय दिवस श्री याग मंडल महायज्ञ विधान मे 254 महाअर्घ श्रध्दालुओ ने समर्पित किए
मनुष्य दो पैरो के गधे हो गये – मुनिश्री निर्णय सागर जी
शब्द अग्नि / हिमालय गोहिया
सीहोर। अतिशय क्षेत्र श्री चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर कस्बा में चल रहे नवीन वेदी प्रतिष्ठा एवं विश्व शांति महायज्ञ महोत्सव के द्वितीय दिवस याग मंडल महायज्ञ विधान का आयोजन किया गया।
मुनि श्री निर्णय सागर जी महाराज एवं छुल्लक श्री तत्व सागर महाराज के सानिध्य में प्रतिष्ठाचार्य श्री विमल भैय्या जी व ब्रह्मचारी अमन भैय्या जी के निर्देशन में भगवान की प्रतिमा का अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने इंद्र-इंद्राणी के रूप में 254 महाअर्घ समर्पित किए।
धर्मसभा में मुनि श्री निर्णय सागर जी महाराज ने जीवन में धर्म और अच्छे कर्मों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य को समय रहते धर्म मार्ग अपनाना चाहिए। उन्होंने दृष्टांत के माध्यम से लोभ-मोह से दूर रहकर जीवन को सार्थक बनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। संध्या समय महाआरती एवं शास्त्र वाचन का आयोजन किया गया।
Author: Shabd Agni
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