शुल्क संशोधन के बाद मंडियों की आय में तेजी, जून महीने में ही करोड़ों रुपये का राजस्व हुआ संग्रह।
शब्द अग्नि / इंदौर । । प्रदेश सरकार द्वारा मंडी शुल्क में किए गए संशोधन का असर अब राजस्व आंकड़ों में भी दिखाई देने लगा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद जून माह में मंडियों की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। अधिकारियों के अनुसार बढ़े हुए शुल्क से मंडी समितियों की आय में सकारात्मक वृद्धि हुई है।
पहली तिमाही में लगभग 14 करोड़
विभागीय जानकारी के मुताबिक जून महीने में मंडी शुल्क के रूप में 4.22 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के दौरान कुल संग्रह 13.16 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है।
किसानो को देंगे उचित सुविधाएं
मंडी प्रशासन का कहना है कि शुल्क वृद्धि से प्राप्त अतिरिक्त राजस्व का उपयोग मंडियों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, किसानों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं विकसित करने और अधोसंरचना को मजबूत करने में किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले महीनों में भी राजस्व संग्रह में इसी तरह की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
Author: Shabd Agni
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