जर्जर मकानों पर निगम की बड़ी कार्रवाई 100 अधिक जर्जर भवनों की सूची है जल्द होगी कार्यवाही
शब्द अग्नि / इंदौर। शहर में खतरनाक और जर्जर इमारतों को लेकर नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। लंबे समय से चेतावनी और नोटिस मिलने के बावजूद मरम्मत या हटाने की कार्रवाई नहीं करने वाले भवन मालिकों के खिलाफ मंगलवार को निगम ने सख्त कदम उठाते हुए दो पुराने भवनों को ध्वस्त कर दिया।
नंदलालपुरा में पहले चला अभियान
नगर निगम का अमला सबसे पहले नंदलालपुरा क्षेत्र पहुंचा, जहां सोमवंती समाज की भूमि पर स्थित एक पुराने भवन को मशीनों की मदद से गिराया गया। अधिकारियों के अनुसार यह भवन काफी समय से खतरनाक स्थिति में था और इसके कमजोर हिस्सों को हटाने के लिए कई बार नोटिस जारी किए गए थे। हाल ही में अंतिम नोटिस देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर निगम ने स्वयं भवन को हटाने का निर्णय लिया।
चंद्रभागा मेन रोड पर भी कार्रवाई
इसके बाद निगम की टीम चंद्रभागा मेन रोड पहुंची, जहां करीब एक हजार वर्गफीट में बने 80 वर्ष से अधिक पुराने मकान को भी तोड़ दिया गया। बताया गया कि यह मकान काफी जर्जर हो चुका था और उसके कभी भी ढहने की आशंका बनी हुई थी। लगातार चेतावनी के बावजूद भवन नहीं हटाए जाने पर निगम ने कार्रवाई की।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस रही तैनात
कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह के विवाद की आशंका को देखते हुए पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा। पूरे अभियान को सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरा किया गया।
100 से अधिक भवन अब भी खतरे की सूची में
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार शहर में अभी भी 100 से ज्यादा भवन ऐसे हैं जिन्हें खतरनाक घोषित किया जा चुका है। इनमें से कई इमारतों में आज भी लोग रह रहे हैं। निगम का कहना है कि प्राथमिकता उन भवनों को हटाने की है, जिनके गिरने से जनहानि का खतरा सबसे अधिक है।
पुरानी घटना से मिला सबक
गौरतलब है कि पिछले वर्ष शहर में एक जर्जर मकान ढहने की घटना में तीन लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद से नगर निगम ऐसे भवनों के खिलाफ अभियान चलाकर संभावित हादसों को रोकने का प्रयास कर रहा है।
Author: Shabd Agni
.