याचिका खारिज; ₹15 हजार का जुर्माना, कलेक्टर की जांच जारी रहेगी
इंदौर। माणिकबाग स्थित मोरीवाले बाबा दरगाह से जुड़े विवाद में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने सख्त रुख अपनाते हुए वक्फ कमेटी की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने याचिकाकर्ता पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया और स्पष्ट किया कि मामले की जांच और आगे की कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जारी रहेगी।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि संबंधित मामले की जांच पहले से चल रही है और याचिका के माध्यम से जांच प्रक्रिया को प्रभावित या विलंबित करने का प्रयास किया गया। अदालत ने इसे न्यायिक प्रक्रिया का अनावश्यक उपयोग माना और याचिकाकर्ता को सात दिन के भीतर जुर्माने की राशि जमा करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर को कार्रवाई का अधिकार
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि संबंधित कानून के तहत इस मामले में जांच और आवश्यक कार्रवाई करने का अधिकार कलेक्टर के पास है। हाईकोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए कहा कि प्रशासनिक प्रक्रिया जारी रहेगी और जांच पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगेगी।
स्वामित्व के दस्तावेज पेश नहीं कर सके
अदालत ने यह भी माना कि याचिकाकर्ता संपत्ति पर अपने स्वामित्व या वैधानिक अधिकार के पर्याप्त दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। साथ ही समिति की ओर से याचिका दायर करने के अधिकृत अधिकार का भी संतोषजनक प्रमाण न्यायालय के समक्ष नहीं रखा गया।
ऐसे समझे क्या है पूरा मामला
माणिकबाग क्षेत्र स्थित मोरीवाले बाबा दरगाह परिसर में कथित निर्माण और भूमि उपयोग को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इसी प्रकरण में चल रही जांच और प्रशासनिक कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसे अदालत ने निराधार मानते हुए खारिज कर दिया। अब मामले में कलेक्टर स्तर पर जांच और आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
Author: Shabd Agni
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