शब्द अग्नि/ सीमान्त राव बन्सोड़ बालाघाट – पुलिस द्वारा नाबालिग बालिका के साथ घटित गंभीर अपराध के प्रकरण में की गई प्रभावी विवेचना एवं न्यायालय में प्रस्तुत सुदृढ़ साक्ष्यों के आधार पर माननीय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट), बैहर ने आरोपी सम्हारू उर्फ अनिकेत मेरावी, उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम बघोली, थाना परसवाड़ा, जिला बालाघाट को 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं कुल 55,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
कब की थी घटना
थाना बैहर में दिनांक 18 फरवरी 2022 को नाबालिग पीड़िता के दादा द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उनकी नाबालिग नातिन, जो कक्षा 10वीं की छात्रा है, दिनांक 10 फरवरी 2022 को प्रतिदिन की तरह साइकिल से स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। जिस पर थाना बैहर में अपराध क्रमांक 51/2022 पंजीबद्ध कर तत्काल विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान नाबालिग पीड़िता को दस्तयाब किए जाने पर ज्ञात हुआ कि आरोपी उसे बस स्टैंड से अपने साथ ले गया था तथा उसके साथ दुष्कर्म किया। प्रकरण में विवेचना के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध दुष्कर्म एवं पॉक्सो अधिनियम की धाराएं बढ़ाई गई।
ठोस सबूत बने आधार
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा वैज्ञानिक एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलित कर संपूर्ण विवेचना उपरांत आरोपी के विरुद्ध सक्षम न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। प्रभावी विवेचना एवं सुदृढ़ साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष न्यायालय में आरोप सिद्ध कराने में सफल रहा।
माननीय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट), बैहर ने विचारण उपरांत आरोपी को धारा 366 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5,000 रुपये अर्थदंड तथा धारा 5/6 पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 50,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
किनका रहा महत्वपूर्व योगदान
प्रकरण की प्रभावी एवं सुदृढ़ विवेचना निरीक्षक जयपाल इनवाती एवं उप निरीक्षक फूलकली तिलगाम द्वारा की गई थी। विवेचना के दौरान संकलित ठोस साक्ष्यों के आधार पर श्री कपिल कुमार डहेरिया, सहायक संचालक (अभियोजन) के मार्गदर्शन में शासन की ओर से श्री अभय सिंह ठाकुर, अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी, बालाघाट द्वारा प्रभावी पैरवी की गई, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को कठोर दंड प्राप्त हुआ।
Author: Shabd Agni
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