शिप्रा में स्नान कर भगवान का पूजन करेंगे भक्त, तिल के तेल से स्नान करेंगे महाकाल
उज्जैन। मकर संक्रांति पर्व पर शिप्रा नदी के घाटों पर बुधवार सुबह श्रद्धालु स्नान कर भगवान महाकाल का पूजन करेंगे। संक्राति पर्व पर भगवान महाकाल को विशेष रूप से तिल के तेल से स्नान कर तिल्ली के और पकवानों का भोग लगाया जाएगा।
महाकाल मंदिर के पंडित महेश पुजारी ने बताया कि मकर संक्रांति पर्व पर महाकाल मंदिर में तड़के होने वाली भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल को तिल के तेल से स्नान कराने और तिल्ली के पकवानों का भोग लगाया जाएगा। भगवान को गुड़ और शक्कर से बने तिल के लड्डुओं का भोग लगाकर जलाधारी में भी तिल्ली अर्पित की जाएगी।
मकर संक्रांति पर्व स्नान पर्व के रूप में मनाया जाता है, इसी तरह शिप्रा नदी पर दान पुण्य का लाभ लेकर लोग भगवान महाकाल के दर्शन करते है । महाकाल मंदिर में भस्म आरती में तिल गुड़ का भोग तिल से स्नान की परंपरा है। भोग लगाने के बाद पतंग भी अर्पित की जाती है। सूर्य के उत्तरायन का पर्व मकर संक्रांति 14 और 15 जनवरी दो दिन षटतिला एकादशी पर सर्वार्थसिद्धि व अमृतसिद्धि योग के महासंयोग में मनाया जाएगा। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में तड़के 4 बजे भस्म आरती में तिल उत्सव मनेगा।
Author: Shabd Agni
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