शब्द अग्नि न्यूज़ / खरगोन। जिले में आदिवासी नायक टंट्या मामा ‘रॉबिन हुड ऑफ इंडिया’ की मूर्ति को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है। नगर पालिका ने करीब 10 लाख रुपए की धातु (ब्रॉन्ज / पत्थर) की मूर्ति खरीदने का टेंडर जारी किया था। इसकी जगह करीब 1 लाख रुपए की फाइबर ( FRP) से बनी मूर्ति लगा दी गई। विधायक बालकृष्ण पाटीदार और कलेक्टर भव्या मित्तल ने लोकार्पण भी कर दिया। मामला सामने आने के बाद आदिवासी समाज में नाराजगी है और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
नगर पालिका परिषद ने 24 सितंबर 2025 को टंट्या मामा तिराहे के सौंदर्यीकरण के लिए 40 लाख रुपए की मंजूरी दी थी। बाद में जेम पोर्टल पर मूर्ति खरीदने का टेंडर डाला गया, जिसमें मूर्ति का मटेरियल ब्रॉन्ज, मार्बल या संगमरमर बताया गया था। टेंडर में 7.5 फीट ऊंची और करीब 300 किलो वजन की धातु की मूर्ति का उल्लेख था, लेकिन इसके उलट फाइबर की की मूर्ति मंगवा ली। जयस प्रदेश संरक्षक शिवभानु सिंह सोलंकी का कहना है क्रांतिवीर टंट्या मामा की कांसे की प्रतिमा लगाना थी । एक लाख रुपए की प्रतिमा लगाकर आदिवासी समाज की भावनाओं को आहत किया गया है। घोषणा अनुरूप मूर्ति नहीं लगाई जाती है तो चरण पद आंदोलन किया जाएगा। टंट्या मामा चौराहा पर पहले भी लगातार शराब दुकान हटाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। खरगोन नगर पालिका सीएमओ कमला कौल का कहना है पीआईसी की बैठक में कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर धातु की मूर्ति लगाने का निर्णय लिया है। मामले में जल्दबाजी में गलती तो हुई है। भौतिक सत्यापन नहीं करने वाले इंजीनियरों को नोटिस दिए गए है। विभागीय जांच भी करा रहे हैं। कंपनी का भुगतान रोक दिया गया है।
Author: Shabd Agni
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