यूजीसी के ड्राफ्ट रेगुलेशन का विरोध, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
उज्जैन। उज्जैन में बुधवार शाम सवर्ण समाज ने टावर चौक पर यूजीसी के प्रस्तावित ड्राफ्ट रेगुलेशन और नए नियमों के विरोध में प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में समाजजन हाथों में तख्तियां लेकर एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए शहीद पार्क तक रैली निकाली, जहां उन्होंने मानव श्रृंखला बनाई।
प्रदर्शन के बाद समाज के प्रतिनिधियों ने एसडीएम पवन बारिया और विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. शैलेन्द्र कुमार को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने अपनी मांगों से अधिकारियों को अवगत कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यूजीसी द्वारा प्रस्तावित ड्राफ्ट रेगुलेशन उच्च शिक्षा व्यवस्था में सामाजिक असंतुलन और भेदभाव को बढ़ावा देंगे। इन नियमों से विशेष रूप से सवर्ण वर्ग के छात्रों के शैक्षणिक और व्यावसायिक भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। समाज ने आरोप लगाया कि शिक्षा नीति का उद्देश्य सभी वर्गों को साथ लेकर चलना होना चाहिए, न कि किसी एक वर्ग के अधिकारों को कमजोर करना। उन्होंने इस नीति को एकतरफा बताया।
पुजारी बोले- समाज को बेड़ियों में बांधने जैसा
महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी महेश पुजारी ने कहा कि प्रस्तावित नियम सवर्ण समाज को बेड़ियों में बांधने जैसा है। उन्होंने इसे हिंदू समाज पर अन्याय बताते हुए कहा कि यह कानून सामाजिक संतुलन को बिगाड़ने वाला है। अर्पित गोयल ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वे सामान्य वर्ग से आते हैं। और सरकार से इस “काले कानून” को वापस लेने की मांग करते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि सबसे अधिक कर, चंदा और जिम्मेदारियां सामान्य वर्ग निभाता है, इसके बावजूद उसी वर्ग को सबसे ज्यादा प्रभावित किया जा रहा है। संगठन ने मांग की कि यूजीसी के एकपक्षीय ड्राफ्ट रेगुलेशन को तत्काल रोका जाए। इसके साथ ही, नीति निर्धारण समितियों में सभी सामाजिक वर्गों का संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए और छात्रों, शिक्षकों व शिक्षाविदों से व्यापक संवाद बाद ही कोई नई नीति लागू की जाए।
Author: Shabd Agni
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