मप्र में ‘समाज कल्याण बोर्ड’ खत्म होगा ! नर्मदा घाटी के विस्थापितों की ‘फ्री रजिस्ट्री’
शब्द अग्नि न्यूज़ । भोपाल। एमपी की मोहन कैबिनेट ने मंगलवार को राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाकर सबको चौंका दिया। इधर करीब 25600 बांध विस्थापितों की फ्री रजिस्ट्री का निर्णय लिया तो संबल योजना सहित श्रम विभाग की 10 मुख्य योजनाओं को आगे भी जारी रखने की अनुमति देते हुए 15 हजार करोड़ से अधिक का बजट स्वीकृत किया है। कटनी – मैहर सहित कुछ अन्य शहरों और किसानों के हित में महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। इसमें कई बड़े और अहम फैसले लिए गए। सरकार ने एक तरफ विस्थापितों को बड़ी राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ सिंचाई और जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए अपना खजाना खोला है। दूसरी ओर निगम मंडलों और बोडों में नियुक्तियों की सुगबुगाहट के बीच राज्य समाज कल्याण बोर्ड को खत्म करने के निर्णय ने सबको चौंका दिया है।
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार नर्मदा घाटी में सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों के लिए सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इनके लिए अब आवंटित आवासीय भूखंडों का पंजीयन रजिस्ट्री अब निशुल्क होगी। 25 हजार 600 से अधिक परिवारों को ध्यान में रखते हुए नेट ने स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क का 600 करोड़ रुपए का भार नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के तहत उठाने का निर्णय लिया है। मोहन कैबिनेट ने 6 विभागों की 10 महत्वपूर्ण योजनाओं को आगामी 5 वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इसमें संबल 2.0 के तहत मजदूरों के लिए 5,000 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
इसी प्रकार पशुपालन और डेयरी विभाग की कामधेनु योजना और गौ संवर्धन के लिए 6,472 करोड़ रुपए, विधायक निधि के तहत विधानसभा क्षेत्र विकास योजनाओं के लिए 3,376 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। वहीं अल्पसंख्यकों, महिलाओं और घरेलू हिंसा पीड़ितों से प्रस्तावों के लिए भी करोड़ों के फंड को हरी झंडी दी गई है। कैबिनेट के सामने प्रदेश कटनी और मैहर जिलों से जुड़ी सिंचाई परियोजनाओं को लेकर बड़े प्रस्ताव रखे गए थे। इनमें मुख्यमंत्री ने 620 करोड़ रुपए की लागत वाली दो बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें धनवाही सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, जिसमें 53.73 करोड़ की लागत से मैहर और कटनी के 2810 किसानों को फायदा । दूसरी योजना में बरही सूक्ष्म उद्वहन परियोजना शामिल है।
इसमें 566.92 करोड़ की लागत से 11,500 किसान लाभान्वित होंगे और 20 हजार हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी। कैबिनेट की बैठक में मंत्रि- परिषद द्वारा मध्यप्रदेश राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग कर कर्मचारियों का संविलयन महिला बाल विकास विभाग में करने का प्रस्ताव रखा गया था। इस पर चर्चा के स्वीकृति प्रदान की गई।
Author: Shabd Agni
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