मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय शोधार्थी समागम (नेशनल रिसर्चर्स मीट) में की सहभागिता
शब्द अग्नि न्यूज़ । भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शोध अकादमिक गतिविधि मात्र नहीं, यह समाज और राष्ट्र की दिशा बदलने वाली शक्ति है। कोई भी शोध इतना उच्च कोटि का होना चाहिए जो हम सबकी सोच को एक नई दृष्टि, नई दिशा भी दे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी शोधार्थियों से आह्वान किया कि वे देश के विकास के लिए अपनी जिज्ञासा और रुचि के अनुसंधान क्षेत्रों में निर्भीक होकर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि जैसे आवश्यकता आविष्कार की जननी है, वैसे ही शोध विज्ञान और सभी वैज्ञानिक पद्धतियों का जनक है।
मानवीय प्रज्ञा में जब वैज्ञानिक ज्ञान का समावेश हो जाता है, तब वह ‘प्रज्ञान’ का रूप लेती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् के विज्ञान भवन में श्री दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय शोधार्थी समागम (नेशनल रिसर्चर्स मीट) 2026 को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विज्ञान के विकास में ही देश का समग्र विकास निहित है। मध्यप्रदेश को शोध और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शोध समाज के विकास का आधार है और इसे आधुनिक, परिष्कृत तथा परिमार्जित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोधार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे परंपरागत धारणाओं तक सीमित न रहें, बल्कि नवीन विचारों और वैज्ञानिक दृष्टि के साथ ऐसे शोध प्रस्तुत करें, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शोध सिर्फ एक शैक्षणिक आवश्यकता नहीं, सामाजिक परिवर्तन और विकास का सशक्त माध्यम भी है। दुनिया के ज्ञान पर पश्चिम का प्रभाव पड़ा है। भारतीय संस्कृति भी इससे प्रभावित हुई। हमारी संस्कृति में एकल शोध की परंपरा कभी नहीं रही। शोध समाज आधारित होना चाहिए, जिसमें राष्ट्र के कल्याण की बात कही जाए। दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान राष्ट्रीय शोधार्थी समागम के माध्यम से देश के शोधार्थियों को नई दिशा प्रदान कर रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘Mahakal: The master of time वेबसाइट का शुभारंभ महाकाल ब्रोशर सहित मैपकास्ट द्वारा आयोजित होने वाले 41वें मध्यप्रदेश युवा वैज्ञानिक सम्मेलन एवं विज्ञान उत्सव’ के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान द्वारा अनुसंधान परक लेखन पर आधारित सात पुस्तकों का भी विमोचन भी किया। राष्ट्रीय शोधार्थी समागम में देशभर से आए शोधार्थियों, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों की सहभागिता रही। आगामी 14 फरवरी तक चलने वाले इस समागम में शोध, विज्ञान और नवाचार के विविध आयामों पर विमर्श होगा।
उच्च शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान ने इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय शोधार्थी समागम में देशभर के शोधार्थी शामिल हुए हैं। स्वागत उद्बोधन राष्ट्रीय शोधार्थी समागम की संयोजिका डॉ. अल्पना त्रिवेदी ने दिया विषय प्रवर्तन डा. मुकेश कुमार मिश्रा ने दिया। दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के अध्यक्ष अशोक पाण्डेय ने समागम की विषय वस्तु पर प्रकाश डाला। शुभारंभ सत्र के समापन पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विज्ञान भवन परिसर में पौध रोपण भी किया। उद्घाटन सत्र में मैपकास्ट के अध्यक्ष डॉ. अनिल कोठारी, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी सहित शिक्षक एवं शोधार्थी-विद्यार्थी उपस्थित थे।
Author: Shabd Agni
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