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May 29, 2026 12:48 am

विवाहिता की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप

पिता का आरोप मेरी बेटी को मारकर कुएं में फेंका गया दहेज हत्या 

शब्द अग्नि/ आशीष तिवारी

सिंगरौली । जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां बरगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत पचौर (बंधा) गांव में 33 वर्षीय विवाहिता शीला द्विवेदी की संदिग्ध परिस्थितियों में कुएं में गिरने से मौत हो गई। घटना के बाद मायके पक्ष ने इसे दुर्घटना नहीं बल्कि दहेज हत्या बताया है। मृतका के पिता ने पति समेत छह लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शाम को भाई से हुई बात, एक घंटे बाद आई मौत की खबर

मृतका के पिता रामनरेश तिवारी ने बताया कि 27 मई 2026 की शाम उनकी बेटी शीला की अपने भाई प्रवीण कुमार तिवारी से करीब 7:48 बजे से 8 बजे तक बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान शीला सामान्य थी, लेकिन कुछ ही देर बाद करीब 8:45 बजे गांव के लोगों द्वारा सूचना मिली कि शीला कुएं में गिर गई है और उसकी मौत हो चुकी है। अचानक आई इस खबर से पूरा परिवार सदमे में आ गया। परिजनों का आरोप है कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है।

2018 में हुई थी शादी, कुछ महीनों बाद शुरू हुआ उत्पीड़न

पिता रामनरेश तिवारी के अनुसार, उन्होंने अपनी बेटी शीला द्विवेदी का विवाह 29 अप्रैल 2018 को पचौर (बंधा) निवासी मनोज द्विवेदी के साथ पूरे रीति-रिवाज और सामर्थ्य के अनुसार किया था। शादी के शुरुआती कुछ महीने सामान्य रहे, लेकिन इसके बाद दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ना शुरू हो गई। आरोप है कि पति मनोज द्विवेदी, ससुर देवी प्रसाद द्विवेदी, सास, देवर शशांक द्विवेदी और ननद रेसु व बेटू आए दिन शीला के साथ मारपीट करते थे। उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था और मायके से पैसे व सामान लाने का दबाव बनाया जाता था।

संतान न होने पर ताने, बेटी होने के बाद भी नहीं बदली सोच

परिजनों के मुताबिक, शुरुआत में शीला को संतान न होने को लेकर प्रताड़ित किया गया। उसे ताने दिए जाते थे और कई बार मारपीट भी की जाती थी। बाद में शीला ने एक बच्ची को जन्म दिया, जिसके बाद परिवार को उम्मीद थी कि अब स्थिति सुधर जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बताया गया कि बच्ची को थैलेसीमिया बीमारी होने की जानकारी मिलने के बाद ससुराल पक्ष का व्यवहार और अधिक क्रूर हो गया। शीला को मानसिक रूप से तोड़ा जाने लगा और तरह-तरह से अपमानित किया जाता था।

देवर पर गंभीर आरोप, निजता भंग करने की शिकायत

मायके पक्ष ने देवर शशांक द्विवेदी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, उसने शीला के कमरे में कैमरा लगाया था और उसका एमएमएस बनाकर उसे ब्लैकमेल करता था। आरोप है कि वह शीला को धमकी देता था कि वीडियो को पोर्न साइट पर डाल देगा, जिससे वह हमेशा डर और तनाव में रहती थी। परिजनों का कहना है कि यह लगातार मानसिक उत्पीड़न का हिस्सा था, जिसने शीला को पूरी तरह तोड़ दिया था।

दूसरी शादी और तलाक की धमकियों से परेशान थी शीला

पिता का आरोप है कि सास-ससुर अक्सर उनके दामाद मनोज द्विवेदी की दूसरी शादी कराने और शीला को तलाक देने की बातें करते थे। उसे अपमानित किया जाता था और बार-बार यह महसूस कराया जाता था कि वह इस घर में बोझ है। परिवार का कहना है कि वर्षों से चली आ रही प्रताड़ना ने आखिरकार उनकी बेटी की जान ले ली।

पुलिस ने पति समेत छह लोगों पर दर्ज किया मामला

बरगवां पुलिस ने मृतका के पिता की शिकायत पर पति समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

समाज के सामने फिर खड़ा हुआ बड़ा सवाल

यह घटना एक बार फिर समाज को आईना दिखाती है कि दहेज जैसी कुरीति आज भी कितनी भयावह रूप में मौजूद है। बेटियों को आज भी लालच, मानसिक प्रताड़ना और घरेलू हिंसा का शिकार होना पड़ रहा है। सवाल यह है कि आखिर कब तक बेटियां दहेज की आग में यूं ही झुलसती रहेंगी?

Shabd Agni
Author: Shabd Agni

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