VISITORS

0 0 8 1 5 9

May 30, 2026 3:15 am

+91 8878812345

Explore

Search

May 30, 2026 3:15 am

फर्जी मेडिकल संचालकों की अब खेर नहीं

सीएमएचओ ने कहा- भ्रामक खबरों से बचें, शिकायत मिलने पर होगी वैधानिक कार्रवाई

शब्द अग्नि/ सीमान्त राव बन्सोड़

बालाघाट । जिले में मेडिकल स्टोर्स पर गैर पंजीकृत व्यक्तियों द्वारा दवा वितरण के मामलों को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं पदेन उप संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन, बालाघाट द्वारा स्पष्ट किया गया है कि फार्मेसी अधिनियम 1948 की धारा 42 के अनुसार केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट ही चिकित्सक के प्रिस्क्रिप्शन पर दवाइयों का वितरण कर सकते हैं। गैर पंजीकृत व्यक्ति द्वारा दवा वितरण पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

 

सीएमएचओ कार्यालय से जारी जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश फार्मेसी काउंसिल भोपाल द्वारा 8 अक्टूबर 2025 को जारी पत्र में यह स्पष्ट किया गया था कि मेडिकल स्टोर्स पर दवा डिस्पेंसिंग का कार्य केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट ही करेंगे। अधिनियम के तहत उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति को तीन माह तक की सजा, दो लाख रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों दंड एक साथ दिए जाने का प्रावधान है।

 

इसी के परिपालन में कार्यालयीन आदेश दिनांक 11 नवंबर 2025 के माध्यम से जिले में पदस्थ औषधि निरीक्षक श्री स्वप्निल सिंह एवं श्री जयप्रकाश कुमार को मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। निरीक्षण के दौरान गैर पंजीकृत व्यक्तियों द्वारा दवा वितरण पाए जाने पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं स्थानीय पुलिस के सहयोग से कार्रवाई की जानी थी।

 

जिले में 1000 से अधिक मेडिकल स्टोर्स, केवल दो औषधि निरीक्षक

जानकारी के अनुसार जिले में लगभग 1000 से अधिक थोक एवं फुटकर औषधि विक्रय प्रतिष्ठान संचालित हैं, जबकि निरीक्षण के लिए केवल दो औषधि निरीक्षक पदस्थ हैं। अब तक 14 मेडिकल स्टोर्स के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस 4 से 10 दिनों तकृ के लिए निलंबित किए गए हैं। हालांकि विभाग ने माना कि गैर पंजीकृत फार्मासिस्ट के विरुद्ध फार्मेसी अधिनियम की धारा 42 के तहत प्रत्यक्ष दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है।

नियम विरुद्ध जांच टीम” संबंधी खबर को बताया भ्रामक

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार “नियम विरुद्ध जांच टीम बनाकर मेडिकल व्यापारियों पर दबाव” को पूरी तरह भ्रामक बताया है। उन्होंने कहा कि सीएमएचओ पदेन उप संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन होता है और जिले में औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन नियम 1945 के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी उसके अधीन होती है। खंड चिकित्सा अधिकारियों एवं अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों के माध्यम से मेडिकल स्टोर्स में पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपलब्धता एवं रिकॉर्ड सत्यापन कराया जाना जनहित में है और यह पूरी तरह वैधानिक प्रक्रिया है।

शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई

सीएमएचओ ने जिले के औषधि विक्रेताओं से अपील की है कि यदि परीक्षण दल द्वारा किसी प्रकार की परेशानी उत्पन्न की जाती है अथवा कोई व्यक्ति अवैध राशि की मांग करता है तो उसकी जानकारी ऑडियो या वीडियो रिकॉर्डिंग सहित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराएं, ताकि संबंधित के विरुद्ध विभागीय एवं वैधानिक कार्रवाई की जा सके।

Shabd Agni
Author: Shabd Agni

.

विज्ञापन
लाइव क्रिकेट स्कोर