शहरकाज़ी को लेकर उठे विवाद पर मसाजिद कमेटी का बड़ा खुलासा
शब्द अग्नि l राज ठाकुर बाड़ी
रायसेन । शहर के मुस्लिम समाज में इन दिनों एक अहम मसले को लेकर पैदा हुई गलत फ़हमियों पर आखिरकार तस्वीर साफ़ होती दिखाई दी। एक पक्ष जहाँ प्रशासन को अपनी बात से रख कर गुमराह करने में कामयाब रहा, वहीं इस पूरे मामले पर मसाजिद कमेटी के सचिव द्वारा लिखे गए पत्र ने हक़ीक़त को पेश करते हुए विवाद पर लगभग पटाक्षेप कर दिया।
दो अलग अलग धड़ों में बंटा समाज
दरअसल, इस मसले में स्थानीय मुस्लिम समाज के भीतर दो अलग-अलग दावेदार सामने आ गए थे और हैरत की बात यह रही कि दोनों पक्षों के पास भोपाल स्थित मुस्लिम त्योहार कमेटी के पत्र मौजूद थे। यही वजह रही कि मामला महज़ अंदरूनी मतभेद तक सीमित न रहकर प्रशासनिक हलकों तक जा पहुँचा।
ईद की नमाज को लेकर था विवाद
विवाद उस वक़्त खुलकर सामने आया जब शांति समिति की बैठक में एक पक्ष ने शहरकाज़ी जनाब तैय्यब हाशमी साहब से ईद की नमाज़ अदा कराने की बात रखी। मगर दूसरे पक्ष ने इस प्रस्ताव को सिरे से ख़ारिज करते हुए साफ़ कहा कि ईदगाह और मस्जिद से जुड़ी व्यवस्थाएँ मस्जिद कमेटी के दायरे और ज़िम्मेदारी में आती हैं, ना कि मुस्लिम त्योहार कमेटी के।
विवाद खत्म कर एक हो जाए
शहर के वरिष्ठ मुस्लिम समाजसेवी इरफ़ान दुर्रानी ने भी इस पूरे मामले में अपनी उपस्थित दर्ज कराई,ओर कहा अमन और शांति को बरक़रार रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज के इस आपसी मशवरे को सभी के साथ मिल जुल कर साथ हल किया जाना चाहिए ताकि समाज में किसी तरह की गलतफहमी पैदा न हो।
मुस्लिम समाज के समझदार लोगों का मानना है कि ऐसे नाज़ुक मामलों में व्यक्तिगत अहम से ऊपर उठकर शहर के अमन, भाईचारे और दीनी रवायतों की हिफ़ाज़त को तरजीह दी जानी चाहिए। इरफान दुर्रानी पूर्व अध्यक्ष नगर परिषद ने बताया कि नगर में शहर काजी का कोई पद नहीं है यह सिर्फ फर्जी तरीके से अपना काम कर रहे थे ।भोपाल मसाजिद कमेटी के द्वारा सभी कार्य संचालित होते हैं उनके द्वारा पत्र जारी कर कर बताया गया कि हमारे द्वारा किसी भी प्रकार की कोई काजी की नियुक्ति नहीं की गई है संबंध में हमारे सभी सामाजिक लोगों द्वारा थाना बाड़ी मे आवेदन देकर जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
Author: Shabd Agni
.