हेंमत खंडेलवाल के प्रयास से दो दिनों में दिखने लगे सकारात्मक परिणाम, माचना नदी का बड़ा हिस्सा जलकुंभी मुक्त
शब्द अग्नि / सचिन जैन
बैतूल। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में नगर पालिका परिषद बैतूल द्वारा माचना नदी को जलकुंभी मुक्त बनाने के लिए चलाया जा रहा विशेष अभियान तेजी से सफल होता दिखाई दे रहा है। अभियान प्रारंभ होने के मात्र दो दिनों के भीतर ही नदी के बड़े हिस्से से जलकुंभी को हटाने में सफलता प्राप्त हुई है, जिसके परिणामस्वरूप अब कई स्थानों पर नदी का स्वच्छ जल एवं प्राकृतिक प्रवाह स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।
कई वर्षो से है जलकुम्भी गंभीर समस्या
विगत कई वर्षों से माचना नदी जलकुंभी की गंभीर समस्या से जूझ रही थी। नदी का बड़ा क्षेत्र जलकुंभी से आच्छादित हो जाने के कारण जल प्रवाह बाधित हो रहा था तथा प्रदूषण, दुर्गंध और जलीय जीव-जंतुओं के अस्तित्व पर भी संकट उत्पन्न हो गया था। इस गंभीर समस्या के समाधान हेतु भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल ने नदी संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन को त्वरित, प्रभावी एवं पर्यावरण अनुकूल उपाय अपनाने के निर्देश दिए थे।
माचना नदी को जलकुंभी मुक्त बनाने के लिए पूर्व में ग्रीन टाइगर संस्था के तरुण वैद्य एवं उनके साथियों सहित अनेक सामाजिक संस्थाओं, पर्यावरण प्रेमियों एवं जागरूक नागरिकों द्वारा लगातार प्रयास किए गए। समय-समय पर श्रमदान, जनजागरूकता अभियान एवं जलकुंभी हटाने के विभिन्न प्रयास भी किए गए, किंतु जलकुंभी के अत्यधिक विस्तार और विकराल स्वरूप के कारण समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं हो पा रहा था। अब नगर पालिका परिषद द्वारा अपनाए गए इस वैकल्पिक एवं सुनियोजित अभियान के सकारात्मक परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं।
26 अनुभवी मछुआरे नगर पालिका का अमला लगा
मुख्य नगर पालिका अधिकारी नवनीत पांडे के नेतृत्व में 26 अनुभवी मछुआरों की टीम एवं नगर पालिका का अमला लगातार नदी में उतरकर जलकुंभी हटाने का कार्य कर रहा है। अभियान के पहले दो दिनों में ही बड़ी मात्रा में जलकुंभी को नदी से बाहर निकाला गया है। जिन क्षेत्रों में पहले केवल जलकुंभी का घना आवरण दिखाई देता था, वहां अब नदी का स्वरूप स्पष्ट नजर आने लगा है।
विशेष बात यह है कि यह पूरा अभियान अत्यंत कम लागत में संचालित किया जा रहा है। महंगे यांत्रिक संसाधनों अथवा रासायनिक उपायों का उपयोग किए बिना स्थानीय संसाधनों एवं अनुभवी मछुआरों की सहायता से प्रभावी परिणाम प्राप्त किए जा रहे हैं। इससे जहां नगर पालिका के वित्तीय संसाधनों की बचत हो रही है, वहीं नदी के पर्यावरण, जल गुणवत्ता और जलीय जीवों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो रही है।
Author: Shabd Agni
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