जल संरक्षण, जैविक खेती और स्वरोजगार पर किसानों को दी गई जानकारी
शब्द अग्नि / सचिन जैन
बैतूल। जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी के अंतर्गत ग्राम पंचायत सूखाढाना स्थित पीएलएस इंटरनेशनल स्कूल में रविवार को द पाई फाउंडेशन द्वारा किसान पाठशाला एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों के बीच स्थायी एवं टिकाऊ कृषि की जानकारी साझा करना तथा इसके लाभों से अवगत कराना रहा। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सूखाढाना के अनुसूचित जनजाति वर्ग के महिला एवं पुरुष किसानों ने भाग लिया।
द पाई फाउंडेशन के निदेशक लोकेश सोनी ने किसानों को फाउंडेशन की गतिविधियों और आगामी वर्षों में किसानों के हित में संचालित की जाने वाली योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने किसानों की आय दोगुनी करने की कार्ययोजना साझा करते हुए खेती में आपसी सहयोग और जल संरक्षण उपायों को अपनाने पर जोर दिया।
पशुपालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी गुर सिखाये
उद्यानिकी विभाग शाहपुर के अधिकारी श्री रामलाल इवने ने राज्य शासन की उद्यानिकी योजनाओं की जानकारी देते हुए पशुपालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन जैसी आयवर्धक गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि खेती के साथ इन क्षेत्रों को अपनाकर किसान अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं।
घोड़ाडोंगरी जनपद पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष प्रदीप विश्वास ने किसानों को जमीनी स्तर की कृषि समस्याओं से अवगत कराते हुए जैविक खेती के लाभ, चुनौतियां और उनके समाधान पर अपने अनुभव साझा किए। वहीं डॉ. मनीष मिश्रा ने स्थायी कृषि की उपयोगिता और रासायनिक खेती से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने श्रम बैंक और समय बैंक की अवधारणा समझाते हुए बताया कि द पाई फाउंडेशन से जुड़कर किसान अपनी आजीविका को और अधिक सशक्त बना सकते हैं।
Author: Shabd Agni
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