45 साल की निष्ठा का यही इनाम?
(शब्द अग्नि) सीमान्त राव बन्सोड़
बालाघाट – लालबर्रा कांग्रेस संगठन में बढ़ती उपेक्षा और पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी का एक और मामला सामने आया है। करीब 45 वर्षों तक कांग्रेस का झंडा उठाने वाले वरिष्ठ कार्यकर्ता रवि रूपलाल ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर संगठन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मंडल ब्लॉक कांग्रेस कमेटी लालबर्रा को सौंपे गए अपने त्यागपत्र में रवि रूपलाल ने साफ शब्दों में लिखा है कि उनके पिता प्रेमनारायण लगभग 70 वर्षों से कांग्रेस के प्राथमिक सदस्य रहे हैं और स्वयं उन्होंने भी चार दशक से अधिक समय तक संगठन के लिए काम किया। इसके बावजूद संगठन में उन्हें वह सम्मान और महत्व नहीं मिला जिसकी एक समर्पित कार्यकर्ता अपेक्षा करता है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह इस्तीफा केवल एक व्यक्ति का संगठन छोड़ना नहीं, बल्कि कांग्रेस के भीतर पनप रहे असंतोष का संकेत है। सवाल यह उठ रहा है कि जब दशकों तक पार्टी के लिए संघर्ष करने वाले कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं, तो संगठन की जमीनी स्थिति आखिर कितनी मजबूत है?
स्थानीय कांग्रेस संगठन पर पहले भी आरोप लगते रहे हैं कि पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं की बजाय कुछ चुनिंदा लोगों को ही महत्व दिया जा रहा है। ऐसे में रवि रूपलाल का इस्तीफा उन आरोपों को और बल देता दिखाई दे रहा है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या कांग्रेस नेतृत्व इस नाराजगी को गंभीरता से लेकर आत्ममंथन करेगा, या फिर एक और पुराने सिपाही की विदाई को नजरअंदाज कर देगा। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में संगठन के भीतर असंतोष और गहरा सकता है।
45 साल की सेवा के बाद इस्तीफा—यह सिर्फ एक त्यागपत्र नहीं, बल्कि कांग्रेस संगठन की कार्यशैली पर लगा एक बड़ा प्रश्नचिह्न है।
Author: Shabd Agni
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