बाड़ी में एनएच-45 के डिवाइडर से गायब हरियाली,
शब्द अग्नि l राज ठाकुर बाड़ी
नागिन मोड़ ब्रिज पर स्ट्रीट लाइट नहीं, रोजाना हो रहे हादसे
नेशनल हाईवे-45 के डिवाइडर से हरियाली पूरी तरह गायब हो गई है। हरियाली विहीन डिवाइडर अब वाहन चालकों के लिए परेशानी बन गया है। नियमों को ताक पर रखकर पेट्रोल पंप, दुकानदारों ने डिवाइडर तोड़कर बीच-बीच में अवैध कट बना लिए हैं। इससे हादसों का खतरा बढ़ गया है।
डिवाइडर पर लगे अवैध विज्ञापनः डिवाइडर पर अब मैरिज गार्डन, रेस्टोरेंट, होटल, लॉज, कॉमर्शियल प्रतिष्ठानों के अवैध विज्ञापन बोर्ड, फ्लेक्स लगे हैं। स्टेट हाईवे की जमीन पर कब्जा कर सड़क पर पानी बहाया जा रहा है। ड्रेनेज सिस्टम नहीं होने से पानी जमा हो रहा है और डामर उखड़ रहा है। जिम्मेदारी में उलझे विभागः डिवाइडर पर पौधे लगाने के साथ
नेशनल हाईवे-45 पर डिवाइडर से हरियाली गायब हो गई है।
संरक्षण की जिम्मेदारी उस विभाग की है, जिसकी सड़क है। न तो एनएचएआई ने न स्थानीय प्रशासन ने इस ओर ध्यान दिया है। ब्रिज पर नहीं उजाला, बढ़ रहे हादसेः हाइवे पर नागिन मोड़ पर लंबा ब्रिज बना हुआ है। उसके बाद बकतरा रोड, पुराना नेशनल हाईवे-12 के बीच में ब्रिज बना हुआ है, लेकिन कहीं भी स्ट्रीट लाइट नहीं लगाई गई है। जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। एनएचएआई और प्रशासन द्वारा है।
स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए कोई पहल नहीं की गई।
दुर्घटनाओं का रोकना हाइवे पर पेड़ लगाना सिर्फ सौंदर्य बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा, पर्यावरण और यात्रियों की सुविधा से भी जुड़ा होता है। डिवाइडर पर लगे पेड़ सामने से आने वाले वाहनों की तेज हेडलाइट की रोशनी को रोकते हैं। रात में ड्राइवर की आंखों पर कम असर पड़ता है और दुर्घटनाओं की आशंका घटती
तापमान कम करने में मदद
गर्मी के दिनों में कंक्रीट और डामर की सड़कें बहुत गर्म हो जाती हैं। पेड़ छाया और नमी देकर आसपास का तापमान कुछहद तक कम करते हैं। प्रदूषण नियंत्रणः हाइवे पर वाहनों से निकलने वाला धुआं और धूल पेड़ काफी हद तक सोख लेते हैं। वे कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर ऑक्सीजन छोड़ते हैं, वायु गुणवत्ता बेहतर होती है। ध्वनि प्रदूषण कम होता हैः घने पौधे और पेड़ वाहनों के शोर को कुछहद तक रोकते हैं। इससे आसपास के गांवों और बस्तियों को राहत मिलती है।
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6 संबंधित विभाग को पत्र भेजकर अतिक्रमण और फ्लेक्स हटाने, कार्यवाही और पौध रोपण करने के लिए कहा जाएगा, जिससे पर्यावरण
बना रहे। – सुनील शर्मा, तहसीलदार, बाड़ी
Author: Shabd Agni
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