कलेक्टर कार्यालय में घुसकर हंगामा करना लोकतांत्रिक आंदोलन नहीं: संजय सरदार यादव –
शब्द अग्नि / सचिन जैन
बैतूल। एबीवीपी द्वारा पीजी कोर्स, छात्रावास और शिक्षा संबंधी मांगों को लेकर किए गए प्रदर्शन के खिलाफ अब युवा कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है। युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष संजय सरदार यादव ने पूरे घटनाक्रम को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि एक ओर प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार है, दूसरी ओर उसी विचारधारा का छात्र संगठन अपनी ही सरकार की विफलताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है। इससे भी गंभीर बात यह है कि प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय परिसर में जिस तरह आक्रामक तरीके से प्रवेश किया, वह लोकतांत्रिक विरोध की मर्यादाओं के विपरीत है।
पुलिसकर्मियों से धक्का मुक्की अराजकता है- यादव
संजय सरदार यादव ने आरोप लगाया कि एबीवीपी कार्यकर्ता सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए कलेक्टर कार्यालय के भीतर तक पहुंच गए। इस दौरान पुलिसकर्मियों और सुरक्षा कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गई तथा कुछ पुलिसकर्मी गिर भी गए। उन्होंने कहा कि यह आवेश नहीं अराजकता की पराकाष्ठा थी। यदि किसी भी आंदोलनकारी समूह को इस प्रकार प्रशासनिक कार्यालयों में जबरन प्रवेश करने की छूट मिल जाए तो कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।
युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कहा कि जब कांग्रेस और युवा कांग्रेस द्वारा किसी जनहित के मुद्दे पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाता है तो कार्यकर्ताओं और जिला अध्यक्षों तक पर एफआईआर दर्ज कर दी जाती है। लेकिन कलेक्टर कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने और पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करने जैसी घटनाओं के बाद भी कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। कानून सबके लिए समान होना चाहिए और किसी संगठन को विशेष छूट नहीं मिलनी चाहिए।
संजय सरदार यादव ने कहा कि जिस तरह प्रदर्शनकारी कार्यालय के भीतर तक पहुंच गए, उससे कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती थी। प्रशासनिक कार्यालयों में निर्धारित नियमों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। यदि कोई संगठन भीड़ के दबाव से कार्यालयों में प्रवेश करेगा तो भविष्य में गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
Author: Shabd Agni
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