मानवता की मिसाल समाजसेवी प्रेम सिंह भाटी बने सहारा
शब्द अग्नि/आशीष बृजेश द्विवेदी
सिंगरौली/ मानवता और सेवा भाव का एक सराहनीय उदाहरण उस समय देखने को मिला जब आर्थिक तंगी के कारण उपचार से वंचित एक घायल किशोरी की मदद के लिए समाजसेवी प्रेम सिंह भाटी आगे आए। उनके प्रयास से किशोरी को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकी और परिवार को बड़ी राहत मिली।
जानकारी के अनुसार नगर परिषद वार्ड क्रमांक-2 निवासी 17 वर्षीय खुशबू रावत, पिता मनजीत रावत, बीते 25 मई को जामुन के पेड़ पर मुखारी तोड़ने के दौरान अचानक गिर गई थी। हादसे में उसके दोनों पैर फ्रैक्चर हो गए तथा कमर में भी गंभीर चोट आई। गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली खुशबू का समय पर इलाज नहीं हो सका और वह कई दिनों तक घर पर ही दर्द से कराहती रही।
परिजनों के अनुसार आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे उपचार की व्यवस्था नहीं कर पा रहे थे। परिवार लगातार चिंता में था और किशोरी की हालत बिगड़ती जा रही थी। इसी दौरान घटना की जानकारी समाजसेवी प्रेम सिंह भाटी को मिली। उन्होंने बिना समय गंवाए किशोरी के घर पहुंचकर उसकी स्थिति का जायजा लिया।
घायल किशोरी की गंभीर हालत को देखते हुए प्रेम सिंह भाटी ने अपने निजी वाहन से उसे तत्काल बैढ़न ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। वहां एक्स-रे सहित आवश्यक जांच कराई गई तथा चिकित्सकों की सलाह के अनुसार उपचार शुरू कराया गया। समय पर उपचार मिलने से परिजनों ने राहत की सांस ली।
खुशबू के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि पिछले पांच दिनों से वे बेहद परेशान थे और आर्थिक संकट के कारण कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था। ऐसे समय में प्रेम सिंह भाटी उनके लिए किसी फरिश्ते से कम साबित नहीं हुए। उन्होंने कहा कि परिवार इस सहयोग और संवेदनशीलता को कभी नहीं भूलेगा।
इस संबंध में प्रेम सिंह भाटी ने कहा कि समाज के जरूरतमंद लोगों की मदद करना प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और यदि किसी पीड़ित व्यक्ति को समय पर सहायता मिल जाए तो उसका जीवन बचाया जा सकता है।
क्षेत्र के लोगों ने भी प्रेम सिंह भाटी के इस मानवीय कार्य की सराहना की। लोगों का कहना है कि आज के समय में निस्वार्थ भाव से जरूरतमंदों की सहायता करने वाले लोग समाज के लिए प्रेरणा हैं। उनका यह कार्य न केवल एक परिवार के लिए सहारा बना, बल्कि पूरे क्षेत्र में मानवता और सेवा का सकारात्मक संदेश भी दे गया।
Author: Shabd Agni
.