जिले में ‘ई-विकास’ पोर्टल से किया जा रहा खाद वितरण
शब्द अग्नि डी एस चौहान
हरदा 2 जून 2026/ जिले में 15 जनवरी 2026 से ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली पोर्टल से उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। उप संचालक कृषि श्री जे.एल. कास्दे ने किसान भाइयों से अनुरोध किया है कि उर्वरक क्रय करने हेतु फार्मर आई.डी. अनिवार्य है। जिन किसानों की फार्मर आई.डी. जनरेट नहीं हुई है, वे तुरंत अपने हल्का पटवारी से संपर्क कर फार्मर आई.डी. बनवा लें। फार्मर आई.डी. होने से ई-विकास प्रणाली के माध्यम से सुगमता से उर्वरक क्रय किया जा सकेगा। वर्तमान में ई-विकास प्रणाली पोर्टल पर वन अधिकार पट्टा, राजस्व पट्टा, सिकमी किसान, धार्मिक ट्रस्ट, मृत किसान, फार्मर आई.डी. नही है, एग्रीकल्चर फार्म/केवीके/युनिवर्सिटी तथा असक्षम किसान आप्शन प्रदर्शित हो रहे है।
ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द उपार्जन हेतु पंजीयन प्रारंभ
हरदा 2 जून 2026/ म.प्र. शासन किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, मंत्रालय भोपाल से जारी निर्देश अनुसार भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम योजना अंतर्गत वर्ष 2025-26 (विपणन वर्ष 2026-27) की ग्रीष्मकालीन फसल मूंग एवं उड़द का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन किया जाएगा। इसके लिए किसानों का पंजीयन 15 जून 2026 तक किया जाएगा।
निर्देशानुसार खरीदी केन्द्रों पर उपज विक्रय से पूर्व कृषकों की वास्तविक पहचान हेतु आधार सक्षम पीओएस मशीन अथवा मोबाइल एप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन कर सत्यापन किया जाएगा। यदि कोई कृषक स्वयं खरीदी केन्द्र पर उपस्थित नहीं हो पाता है, तो वह अपनी फसल विक्रय हेतु पंजीयन के समय अधिकतम तीन अधिकृत व्यक्तियों के नाम एवं आधार नंबर दर्ज करा सकेगा। अधिकृत व्यक्ति किसान की उपज खरीदी केन्द्र पर लाकर विक्रय कर सकेंगे। ऐसे अधिकृत व्यक्तियों का भी आधार सक्षम पीओएस मशीन अथवा मोबाइल एप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य होगा। उपज का भुगतान केवल पंजीकृत कृषक के बैंक खाते में ही किया जाएगा।
निर्देशों के अनुसार कोई भी व्यक्ति अधिकतम तीन कृषकों के अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर सकेगा। जिला उपार्जन समिति द्वारा जिले में 23 पंजीयन केन्द्र ई-उपार्जन पोर्टल पर स्थापित किए गए हैं। कृषक भाइयों से अनुरोध किया गया है कि निर्धारित समयावधि में अपनी फसल का पंजीयन अवश्य कराएं।
Author: Shabd Agni
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