VISITORS

0 1 2 2 7 2

June 15, 2026 4:54 pm

+91 8878812345

Explore

Search

June 15, 2026 4:54 pm

प्रशासन नहीं कर पा रहा किसानों को संतुष्ट,

नाराज किसानों ने शहर में जगह-जगह लगाए जाम
शब्द अग्नि मनोज जैन कलाकार
अशोकनगर। सोमवार से भारतीय किसान संघ के बैनर तले शुरू हुआ किसानों का आंदोलन मंगलवार को भी पूरे दिन जारी रहा। मंगलवार को किसानों ने एचडीएफसी बैंक चौराहा, एफओबी पर चक्काजाम कर दिया इसके अलावा खाद गोदाम के बाहर भी एक ओर की रोड़ पूरे दिन बंद रही। दूसरी ओर खाद गोदाम के बाहर प्रदर्शन कर रहे एक किसान की तबियत बिगड़ गई जिससे उसे एम्बूलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया। किसानों के आंदोलन के दौरान एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार सहित पुलिस बल मौजूद रहा लेकिन अधिकारी किसानों को संतुष्ट नहीं कर पाए। सोमवार को किसानों ने राजमाता चौराहा से विदिशा रोड पर पॉलीटेक्निक कॉलेज के पास स्थित खाद गोदाम तक ट्रैक्टर रैली निकाली थी। प्रशासन ने उन्हें ई-टोकन व्यवस्था की औपचारिकताएं पूरी करने को कहा था इस कारण किसान लाइन में लग गए थे।

सोमवार की रात किसानों ने खाद गोदाम के बाहर गुजारी। मंगलवार को भी किसान खाद गोदाम के आगे बैठे रहे। दोपहर करीब एक बजे किसान नाराज हो गए और उन्होंने खाद गोदाम के सामने सडक़ पर बैठकर चक्काजाम किया। इसके बाद किसान एचडीएफसी बैंक चौराहा और सेन तिराहा के पास स्थित ओवरब्रिज के दोनों सिरों पर जमा हो गए। इस कारण आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। चक्काजाम करीब ढाई-तीन घंटे तक चला। किसानों का कहना है कि ई-टोकन व्यवस्था पूरी तरह से फ्लॉप है किसानों को आसानी से खाद मिले ऐसी व्यवस्था प्रशासन को करना चाहिए। छज्जू बरखेड़ा से आए एक किसान ने बताया कि खाद खुल्ला किया जाए हम भूखे-प्यासे यहां पड़े हुए हैं। कल आश्वासन दिया था कि सब किसानों को खाद मिलेगी लेकिन 50 किसानों को खाद देकर वितरण बंद कर दिया गया। कुंदौली से आए युवा किसान ने बताया कि करीब 15-20 दिन से परेशान हैं लेकिन ई-टोकन नहीं मिल पा रहा है कभी कहते हैं कि साइट नहीं चल रही कभी दूसरे बहाने बताते हैं रात मेें 9-10 बजे तक हम इंतजार करते हैं कि अब साइट चलेगी लेकिन साइट नहीं चलती है जिससे मजबूर होकर हम घर चले जाते हैं।

सिकंदरा से आए धर्मवीर यादव ने बताया कि खाद के लिए आठ दिन से भटक रहे हैं लेकिन ई-टोकन नहीं मिल रहा है। यहां आते हैं तो कहते हैं कि ई-टोकन हो जाएगा। आज सुबह भी बोला था लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। करैया बुद्धू से आए नीतेश धाकड़ ने बताया कि तीन दिन से यहीं फिर रहे हैं लेकिन अभी तक खाद नहीं मिला है। जो किसान यहां आए नहीं हैं ऐसे डेढ़ सौ किसानों के ऑनलाइन हो गए हैं उनकी फाइल बनाकर दे दी। हमारी मांग है कि ऑनलाइन सिस्टम बंद हो। डोंगरा पछार से आए किसान ने बताया कि मुझे टोकन मिल गया है दुकान पर जाते हैं तो वह खाद नहीं देते हैं कब देंगे यह भी नहीं बताते हैं कम से कम यह तो बता दें कि कितने दिन बाद मिलेगा। मंै करीब आठ दिन से परेशान हो रहा हूं। रात के 11 बजे घर पहुंचता हूं यहां पानी की भी व्यवस्था नहीं है आज ही एक ईसागढ़ का किसान गेट पर बेहोश पड़ा है किसानों की कोई सुनवाई नहीं है। विशाल यादव ने बताया कि मेरा टोकन मुंगावली से बुक हुआ है मंै वहां गया तो मुझे वहां पर खाद नहीं दिया।

Shabd Agni
Author: Shabd Agni

.

विज्ञापन
लाइव क्रिकेट स्कोर