आलीराजपुर: लंबित मानदेय और सरकारी कर्मचारी के दर्जे को लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का हल्ला बोल, सौंपा ज्ञापन
शब्द अग्नि/ मुस्तकिम मुगल अलीराजपुर
आलीराजपुर,जिले की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपने अधिकारों, लंबित मानदेय के भुगतान और सामाजिक सुरक्षा की मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ (संबद्ध भारतीय मजदूर संघ) के बैनर तले आज, 3 जून 2026 को प्रातः 11:00 बजे से दाहोद नाका (समाधि स्थल), आलीराजपुर में एक दिवसीय विशाल आंदोलन और रैली का आयोजन किया जा रहा है। इस आंदोलन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की जाएगी।
संघ के पदाधिकारियों ने जिले की सभी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को इस आंदोलन में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने का आह्वान किया है।
दिसंबर 2024 से अटका है मानदेय, प्रशासन के खिलाफ आक्रोश
संघ की जिला अध्यक्ष कमला रावत ने स्थानीय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जिले में कई गंभीर समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं।
800 कार्यकर्ताओं का भुगतान बकाया: जिले की लगभग 800 मिनी से पूर्ण आंगनवाड़ी में पदोन्नत कार्यकर्ताओं का दिसंबर 2024 का शेष मानदेय (₹5250) आज तक नहीं मिला है।
नई नियुक्तियों को 9 महीने से नहीं मिला पैसा: नई भर्ती में नियुक्त कई सहायिकाओं को पिछले 8 से 9 महीनों से मानदेय प्राप्त नहीं हुआ है। इसके अलावा कई कार्यकर्ताओं का पूर्व का रोका गया मानदेय भी अटका हुआ है।
संघ ने चेतावनी दी है कि समस्त लंबित राशि का एकमुश्त भुगतान तत्काल किया जाए।
”महत्वपूर्ण काम के बदले मिलता है केवल आश्वासन”
संघ की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मंजुला लोहार ने बताया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण अभियान, टीकाकरण, चुनावी सर्वे और जनगणना जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका अग्रिम पंक्ति की होती है। इसके बावजूद शासन स्तर पर उन्हें उनका वाजिब हक और सम्मानजनक मानदेय नहीं मिल पा रहा है।
”यह लड़ाई केवल मानदेय की नहीं, बल्कि सम्मान और हक की है।”
– धनसिंग कनेश, जिला मंत्री (भारतीय मजदूर संघ)
उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में जुटकर अपनी एकजुटता का परिचय दें।
आंदोलन की प्रमुख मांगें (शासन एवं जिला स्तर)
आंगनवाड़ी संघ ने अपनी मांगों को दो मुख्य भागों में विभाजित किया है:
1. शासन स्तर की प्रमुख मांगें:
शासकीय कर्मचारी का दर्जा: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए।
पेंशन और ग्रेच्युटी: सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, ग्रेच्युटी और स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिले।
भत्ते और पारिश्रमिक: ऑनलाइन और पोषण ट्रैकर कार्य के लिए मोबाइल व इंटरनेट भत्ता दिया जाए, साथ ही चुनाव या सर्वे जैसे अतिरिक्त कार्यों के लिए अलग से पारिश्रमिक मिले।
मूलभूत सुविधाएं: सभी केंद्रों पर स्वयं के भवन, बिजली, पानी और शौचालय की व्यवस्था हो।
2. जिला स्तर की मांगें:
दिसंबर 2024 के बकाया ₹5250 का तत्काल भुगतान।
नई सहायिकाओं और कार्यकर्ताओं के रोके गए मानदेय का एकमुश्त भुगतान।
हर महीने तय समय पर मानदेय जारी करने की व्यवस्था।
रैली निकालकर कलेक्टर को सौंपेंगी ज्ञापन
तय रणनीति के अनुसार, आज सुबह 11 बजे दाहोद नाका समाधि स्थल पर जिलेभर की कार्यकर्ताएं एकत्रित होंगी। यहाँ से एक विशाल रैली निकाली जाएगी जो कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचेगी, जहाँ मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार महमूद खान प्रशासनिक अधिकारि को ज्ञापन सौंपा गया ।
इस आंदोलन को सफल बनाने में भारतीय मजदूर संघ जिलामंत्री धनसिंह कनेश,जिला अध्यक्ष कमला रावत, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मंजुला लोहार, सचिव रंजीता कनेश, जिला उपाध्यक्ष कमलबाई मेडा, सरोज चौहान, संगीता डुडवे और प्रीति चौहान सहित संघ के सभी पदाधिकारी सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।
Author: Shabd Agni
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